जागरण संवाददाता, बठिडा: नगर निगम की ओर से मानसा रोड स्थित ग्रोथ सेंटर में बनाए गए नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) के लिए आखिरकार एसएंडएस (सेडिमेंटेशन एंड स्टोरेज) टैंकों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इनके निर्माण से ही 2.19 करोड़ रुपये की लागत के साथ बनाए गए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का आसपास की आबादी को फायदा पहुंच सकेगा।

इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का बीते साल 15 अगस्त को वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने उद्घाटन किया था। करीब एक साल बाद निगम की ओर से अब एसएंडएस टैंकों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। नगर निगम की ओर से इसे छह माह में मुकम्मल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टैंकों के लिए मिट्टी की खोदाई का ठेका वरिदर कुमार कांट्रैक्टर को दिया गया है। बता दें कि जब वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण मुकम्मल किया गया था तो दैनिक जागरण की ओर से एक साल पहले यह मुद्दा भी उठाया गया था कि एसएंडएस टैंकों के बिना अकेला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट किसी काम का है। डब्ल्यूटीपी के साथ ही बनने थे एसएंडएस टैंक

ग्रोथ सेंटर, मानसा रोड, डबवाली रोड की दर्जनों कालोनियों के अलावा संजय बस्ती सहित आसपास के एरिया को पानी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2016 में नगर निगम और त्रिवेणी इंजीनियरिग एंड इंडस्ट्री के बीच हुए 288 करोड़ रुपये कांट्रैक्ट के तहत त्रिवेणी कंपनी ने उक्त डब्ल्यूटीपी का निर्माण कार्य शुरू किया था। इसका निर्माण कार्य बीते साल मुकम्मल हुआ था, जिसका वित्तमंत्री ने उद्घाटन कर दिया गया। हालांकि इसके साथ ही इस प्लांट के लिए छह करोड़ से दो एसएंडएस टैंक और 2.5 करोड़ की लागत का ओएचएसआर का निर्माण भी होना था। इन तीनों को एक साथ दो साल में पूरा करने का लक्ष्य था, परंतु निगम चार साल में एक मात्र डब्ल्यूटीपी का निर्माण ही करवा पाया, जबकि एसएंडएस टैंक के लिए निगम ने त्रिवेणी कंपनी को फ्रंट ही उपलब्ध नहीं करवाया है। इसके चलते इन टैंकों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया था। अब जब नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को कोई खास फायदा नहीं मिला तो निगम की ओर से एसएंडएस टैंकों का निर्माण अपने स्तर पर शुरू किया गया है। इसकी मिट्टी से निगम को अच्छी खासी कमाई भी होगी।

Edited By: Jagran