साहिल गर्ग, बठिडा : पिछले करीब ढ़ाई महीने से कोड ऑफ कंडक्ट के चलते शहर में कई काम रुके हुए थे, जो कि इस हफ्ते से दोबारा शुरू हो पाएंगे। मोडल कोड ऑफ कंडक्ट 10 मार्च से लागू हो गया था और पंजाब में आखिरी फेज में 19 मई को चुनाव हुए। इसलिए इस लोकसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा टाइम कोड ऑफ कंडक्ट का रहा। ये अब 27 मई को पूरा हो रहा है। इसके साथ ही बठिडा में जो काम कोड ऑफ कंडक्ट के प्रावधानों के तहत रोके गए थे उनको अब शुरू किया जाएगा। हालांकि बठिडा प्रशासन इसके लिए तैयारी कर चुका है। जो भी काम रुके हैं उनका खाका तैयार भी कर लिया गया है। इसको लेकर एडवाइजर की तरफ से भी डिपार्टमेंट्स को कहा गया है कि जिन प्रोजेक्ट पर काम पूरा हो चुका है उनको जल्द इम्प्लीमेंट कर दिया जाए। साथ ही जिन प्रोजेक्ट्स या प्रपोजल पर अभी टाइम लगना है उनकी भी टाइमलाइन तैयार करें।

इन प्रोजेक्ट्स पर होगा काम

पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा सेशन के दौरान 18 फरवरी को पेश किए बजट में करोड़ों रुपए के फंड विकास कार्यों के लिए जारी करने का ऐलान किया था। इनमें कई प्रोजेक्ट तो ऐसे हैं, जिनके तो टेंडर अलॉट होने के अलावा उनके ब्लू प्रिट भी तैयार हो गए थे। यहां तक कि 18 साल से रुकी हुई अधूरी रिग रोड़ फेस-1 का टेंडर भी निकाला गया, जिसकी बिड 13 मार्च को ओपन होनी थी। इसी प्रकार सीएम कैप्टन अमरिदर सिंह की ओर से 28 जनवरी को गांव मेहराज में किए गए कर्ज माफी समागम के दौरान गांव के विकास के लिए 28 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था, वह भी जारी होने की उम्मीद है। इसके अलावा जिले के तीन गांव लक्खीजंगल, महमा सरजा व कोठे नात्थेआना को भी गुरु नानक देव जी की 550वीं जन्म शताब्दी को समर्पित 10 करोड़ रुपए से विकसीत किया जाना थो, जिसके लिए भी आने वाले फंड अब जारी हो सकते हैं। जबकि इन गांवों में होने वाले कार्यों की सारी डिटेल व प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनकर तैयार हो चुकी है।

शहर में ही रुक गए थे 152 करोड़ के विकास कार्य

चुनावों के कारण शहर में ही 152 करोड़ रुपए के विकास कार्य रुक गए थे। इनमें 39 करोड़ रुपए की लागत से नगर निगम ने अमृत योजना के तहत शहर के सीवरेज वाटर सप्लाई सिस्टम के लिए 8 मार्च को टेंडर जारी किया था, जिसे 29 मार्च को खुलना था। वहीं 9.86 करोड़ रुपए 23 फरवरी को बठिडा जिले को रूरल डेवल्पमेंट फंड में आए थे, डीडीपीओ ने 314 ग्राम पंचायतों को चेक काटकर बांट दिया था। मगर इसमें 25 फीसदी काम ही शुरू हुआ था। वहीं नगर निगम की ओर से 14 करोड़ रुपए से बठिडा शहर में एलईडी लाइट लगाने और उसका 8 साल तक रखरखाव करने का टेंडर भी 5 मार्च को कॉल कर दिया था, जिसे 25 मार्च को खुलना था। वहीं अब उक्त प्रोजेक्ट के लिए निकाले जाने वाले टेंडर खुलने की उम्मीद है।

महंगी होंगी रजिस्ट्रियां

चुनाव आचार संहिता हटते ही रजिस्ट्रियां भी महंगी हो जाएंगी। इसके तहत रजिस्ट्री पर तीन फीसद स्टांप ड्यूटी व कलेक्टर रेट बढ़ जाएंगे। पंजाब सरकार द्वारा अक्टूबर-2018 में 3 फीसदी स्टांप ड्यूटी व कलेक्टर रेटों को नए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1 अप्रैल से लागू करने का फैसला किया था, जो 10 मार्च को चुनाव आचार संहिता लगने के बाद लागू नहीं होगा और कलेक्टर रेट व स्टांप ड्यूटी रिवाइज होने के काम को रो दिया गया। जबकि चुनाव प्रक्रिया 27 मई को पूरी होने के बाद चुनाव आचार संहिता भी हट जाएगी, जिसके बाद 1 लाख रुपए की रजिस्ट्री पर तीन हजार रुपए अतिरिक्त देने होंगे।

अब देने होंगे इतने पैसे

अक्टूबर 2018 में रिवाइज्ड स्टांप फीस व जमीन के सर्कल/कलेक्टर रेट 1 अप्रैल, 2019 से लागू होने थे। इसमें महिलाओं को स्टांप डयूटी में पुरुषों के मुकाबले 3 फीसद कम 4 फीसद स्टांप डयूटी लगती थी। वहीं पंजाब सरकार ने इस वृद्धि से करीब 100 से 150 करोड़ की आमदनी का टारगेट तय किया है। जबकि वर्तमान में पंजाब में पुरुषों के लिए स्टांप ड्यूटी 6 फीसद व महिलाओं के लिए 4 फीसद स्टांप ड्यूटी तय है, लेकिन नए फैसले के मुताबिक पुरुषों के लिए स्टांप डयूटी 6 फीसद से बढ़ाकर 9 फीसद व महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी 3 फीसद बढ़ाकर 4 से 7 फीसद की जानी है।

Posted By: Jagran

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