जासं, बठिडा : शहीद भाई मनी सिंह सिविल अस्पताल में स्थित वूमेन एंड चिल्ड्रन अस्पताल में अब ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए एक्सरे विभाग में मेमोग्राफी मशीन स्थापित की जा चुकी है। इसके बाद अब मरीजों को मात्र 250 रुपये में ही उक्त टेस्ट की सुविधा मिल सकेगी, जबकि निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में मेमोग्राफी से जांच के लिए मरीज को 2500 से 3000 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे थे। वहीं महिलाओं को बीमारी की जांच कराने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मशीन से महिलाओं की जांच शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह काफी लाभप्रद साबित होगी। एम्स में रोजाना 10 कैंसर मरीज चेकअप करवाने आ रहे हैं। एसएमओ सुखजिदर सिंह गिल ने कहा कि अस्पताल में मशीन इंस्टाल होने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी व उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा वहीं सस्ता इलाज मिल पाएगा। वहीं कैंसर के माहिर व पंजाब कैंसर अस्पताल के डा. अनुज बांसल का कहना है कि महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट व सर्वाइकल (गर्भाशय) के कैंसर का मुख्य कारण जहां हार्मोन्स में बदलाव है वहीं, गर्भनिरोधक दवाइयां भी हैं। आमतौर पर जब कैंसर की गांठें बनना शुरू होती हैं तो इसकी जांच महिलाएं नहीं करवातीं। मगर जब यह तीसरे स्टेज से आगे बढ़ जाता है और इसमें दर्द होना शुरू होता है तो ही वह जांच के लिए आती हैं। महिलाओं के स्तन में गांठें पड़ना शुरू हो जाएं तो 35 साल के बाद महिलाओं को लगातार जांच करवाते रहना चाहिए। रिसर्च में पाया गया है कि 35 से 50 साल की आयु के दौरान महिलाएं स्तन कैंसर की शिकार हो रही हैं। इसका मुख्य कारण जागरूकता की कमी है।

ब्रेस्ट कैंसर को लेकर महिलाओं के स्तनों में गांठ का बनना, स्तनों से पीक निकलना आदि कई बीमारियां है जिसका मेमोग्राफी से आसानी से पता लगाया जा सकता है।

Edited By: Jagran