जागरण संवाददाता, बठिंडा: इंटरनेट मीडिया पर हर व्यक्ति अपने आपको तीस मार खां दिखाता है। कई लोग उनकी पोस्ट देख कर उनके झांसे में आ जाते हैं। हमें ऐसे लोगों पर विश्वास करने से पहले उनके बारे में पूरी तरह जान लेना चाहिए कि क्या वो व्यक्ति सही मायने में वह है जो इंटरनेट मीडिया पर दिखाने की कोशिश कर रहा है। अगर कोई खबर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करता है तो उसपर आंखें बंद पर विश्वास नहीं करना चाहिए। यह बातें इंटरनेट मीडिया विशेषज्ञ जतिंदर गाबा ने कहीं। वह दैनिक जागरण के कार्यक्रम हैलो जागरण के तहत लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे।

शुक्रवार को दैनिक जागरण के बठिंडा दफ्तर में इंटरनेट मीडिया पर एंफ्ल्युएंसर्स का सही चुनाव विषय पर हैलो जागरण का आयोजन किया गया। इसमें इंटरनेट मीडिया माहिर जतिंदर गाबा द्वारा लोगों के सवालों के जबाव दिए गए। इस दौरान उन्होंने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर सही एंफ्ल्युंससर्स का चुनाव करना बहुत जरूरी है। कई लोग किसे संगठन या व्यक्ति विशेष के साथ जुड़े होने के कारण गलत प्रचार करने में लगे होते हैं और हम उनके प्रभाव में आकर गुमराह हो जाते हैं। उनके मुताबिक अखबार से एंथेटिक और कोई सोर्स नहीं है।

इंटरनेट मीडिया पर कैसे पहचान करें कि एनफ्लुएंसर्ज सही हैं या जाली- संदीप कुमार, रामपुरा

इंटरनेट मीडिया का उपयोग बहुत ध्यान से करने की जरूरत है। इस पर हर कोई लोगों को अपने एंफ्ल्युंस के जाल में फंसाना चाहता है। आपको उस व्यक्ति का कम से कम एक साल का रिकार्ड खंगालना चाहिए। उसकी पोस्टों से पता चल जाएगा कि उसका मकसद क्या है और किस संगठन के साथ जुड़ा हुआ है। l इंटरनेट मीडिया पर हर कोई चौधरी बना होता है। उनकी पहचान करनी कठिन है।

पहचान कैसे की जाए ?- मोनिका,बठिंडा

इंटरनेट मीडिया पर एनफ्लुएंसर्ज हो भी सकता है कि वे सही हों और नहीं भी। आपको एनफ्लुएंसर्ज की हिस्ट्री पर ही जाना पड़ेगा। हो सकता है कि कोई व्यक्ति किसी धार्मिक या किसी राजनीतिक संगठन के साथ जुड़ा हुआ हो। आप उनके प्रभाव में आकर उनकी पोस्टों को शेयर कर सकते हैं। उतनी देर तक किसी की भी पोस्ट शेयर न करें जितनी देर तक आपको यह तसल्ली न हो जाए कि पोस्ट डालने वाला व्यक्ति सही है।

कैसे पता चले कि वे सहीं हैं या जाली? -करन, बठिंडा -

इंटरनेट मीडिया का सबसे बड़ा दुखांत यही है कि इस पर कोई भी कुछ भी डाल सकता है। हमें उन पोस्टों के क्रीएट करने वाले सोर्स तक पहुंचना होगा। तभी हम उन पर यकीन कर सकते हैं। पोस्टों का सबसे एथेंटिक सोर्स अखबार होते हैं। आपकी पोस्ट थोड़ा लेट जरूर हो जाएगी, लेकिन अगर आपने अखबार में से उस पोस्ट या खबर को वेरीफाई कर लिया तो फिर कोई दिक्कत नहीं। अगर आप इंटरनेट मीडिया पर आई कोई भी पोस्ट या खबर को आगे शेयर नहीं कर रहे तो सच जानें आप बहुत ही बढ़िया काम कर रहे हैं।

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Edited By: Deepika

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