जासं,बठिडा: स्वच्छ भारत अभियान में गत तीन साल से लगातार प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल करने वाले बठिडा शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। प्रशासन द्वारा शहर में फागिग करवाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन अभियान से हर साल करोड़ों रुपये फंड मिलने के बाद भी लोग गंदगी भरी सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं।

इसके अलावा बठिडा में 100 प्रतिशत गार्बेज कलेक्शन के दावे झूठे साबित हो रहे हैं। अगर डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन 100 प्रतिशत हो रही है, तो फिर गलियों, सड़कों, फुटपाथ, हाईवे आदि पर कूड़े-कर्कट के ढेर क्यों लगे हुए हैं? इतना ही नहीं कई जगह कूड़े के ढेरों को आग लगाकर प्रदूषण भी फैलाया जा रहा है। शहर की हो रही ऐसी हालत के लिए जिम्मेवार नगर निगम बठिडा के संबंधित अफसर, नोडल अफसर, अधिकारी और कर्मचारी हैं। नोडल अफसरों, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सेनेटरी इंस्पेक्टरों सहित अन्य कर्मचारियों की तरफ से पूरा ध्यान न देने के कारण बठिडा शहर में अलग-अलग जगहों पर कूड़े के ढेर लग रहे हैं। आरटीआइ कार्यकर्ता संजीव गोयल ने शहर में लगे कूड़े-के ढेरों संबंधी शिकायत स्वच्छ भारत मिशन दिल्ली, प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्वच्छ भारत मिशन पंजाब, मुख्यमंत्री पंजाब, लोकल गवर्नमेंट चंडीगढ़, डिप्टी कमिश्नर बठिडा और कमिश्नर नगर निगम बठिडा को भेज कर इस ओर ध्यान देने और जल्द से जल्द इस समस्या का हल करने का लिखा गया है। खाद बनाने के लिए बनाए पिट भी हो रहे बेकार कूड़े-कर्कट से खाद बनाने के लिए कंपोसिट पिट्स बनवाए गए थे। उनमें से माडल टाउन फेज -1 में बने कंपोसिट पिट्स में पड़े कूड़े-कर्कट को आग लगाकर राख बनाया जा रहा है। ऐसे में इन पिट्स से प्रदूषण फैलाने का काम ही किया जा रहा है। आस-पास बदबू फैल रही है। कई-कई दिन तक कूड़ा न उठाने के कारण ढेर लग जाते हैं और उनमें पशु भी दिन-रात मुंह मारते रहते हैं।

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