जासं,बठिडा: आशा वर्कर्स एंड फेसिलिटेटर्स यूनियन की ओर से अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया। मिनी सचिवालय के बाहर इकट्ठी हुई आशा वर्करों ने रोष मार्च करते हुए हनुमान चौक में खाली बर्तन खड़ाकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मार्च करते हुए गोनियाना रोड स्थित वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के दफ्तर का घेराव करने पहुंची। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सभी रास्ते बंद कर दिए, लेकिन आशा वर्कर बैरिकेड तोड़कर दफ्तर तक पहुंच गई। इस दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों में हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। आशा वर्करों ने वित्तमंत्री के दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी आशा वर्करों ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल से पंजाब सरकार व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल झूठे आश्वासन दे रहे हैं। उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की गई। झूठे आश्वासनों से परेशान होकर उनकी तरफ से संघर्ष शुरू किया गया है। कोरोना महामारी में आशा वर्करों व फैसिलिटेटर्स ने लगातार ड्यूटी निभाई, परन्तु पंजाब सरकार द्वारा फ्रंटलाइन वर्करों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो संघर्ष तेज किया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ ने आशा वर्करों का ज्ञापन लेकर उसे मुख्यमंत्री को भेजने का आश्वासन दिया। तहसीदार को ज्ञापन देकर रखी ये मांगें

- आशा वर्करों को हरियाणा की तर्ज पर चार हजार प्लस इन्सेंटिव दिया जाए।

- फैसिलिटेटर को प्रति टूर 500 रुपये दिए जाए।

- कम से कम तनख्वाह 15 हजार लागू की जाए।

- वर्करों को स्मार्टफोन और प्रत्येक महीने सीएचओ टीमबेस्ट इन्सेंटिव दिया जाए।

- फैसिलिटेटर को सीएचओ टीमबेस्ट में जोड़ा जाए।

- गर्मी-सर्दी की वर्दियों का भुगतान प्रत्येक छह माह बाद किया जाए।

- अतिरिक्त काम लेने पर अतिरिक्त भुगतान किया जाए।

- ड्यूटी दौरान हादसा होने पर कर्मचारी की तरह बनती सुविधा दी जाए।

Edited By: Jagran