जागरण संवाददाता, बठिंडा। शहीद भाई मनी सिंह सिविल अस्पाल स्थित नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़वाने के लिए भर्ती छह मरीज दूसरी मंजिल का पिछला दरवाजा तोड़कर पाइप के सहारे नीचे उतरकर फरार हो गए। हालांकि पता चला है कि सभी मरीज अपने-अपने घर पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं दो युवकों के स्वजनों ने उनके लिए दवा भी ले ली है। दरअसल, नशा मुक्ति केंद्र की इमारत के दरवाजे-खिड़कियां काफी जर्जर हो चुके हैं। हालात यह हैं कि यह न तो ठीक से बंद होते हैं और न ही इनकी कुंडियां वगैरह सही हैं। ऐसे में यहां भर्ती मरीज भागने की फिराक में रहते हैं।

नशामुक्ति केंद्र में करीब 40 मरीज भर्ती

इस संबंध में मनोचिकित्सक डा. अरुण बंसल ने बताया कि इस समय नशामुक्ति केंद्र में करीब 40 मरीज भर्ती हैं। इनमें से छह युवक बुधवार को केंद्र की दूसरी मंजिल का दरवाजा तोड़कर पाइप के सहारे नीचे उतर गए। बाद में जांच में पता चला कि उक्त युवक अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें से दो युवकों के स्वजनों ने उनके लिए दवा भी ले ली है। उन्होंने कहा कि इमारत की मरम्मत के लिए विभाग को पत्र भेज दिया गया है।

उधर चौकी प्रभारी एसआइ गुरमीत  सिंह ने कहा कि इस संबंध में जरूरी जानकारी मिली थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

किराया न भरने पर निगम ने दो दुकानें की सील

नगर निगम ने लंबे समय निगम की दुकानों का किराया न भरने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत बुधवार को फायल स्टेशन मार्केट में कार्रवाई करते हुए दो दुकानों को सील कर दिया। इससे पहले निगम की ओर से दुकानदारों को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन फिर भी दुकानदारों ने किराया नहीं भरा।

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