संवाद सहयोगी, तपा (बरनाला)

स्थानीय अनाज मंडी में मूंगी की फसल की बोली न लगने के कारण किसानों में रोष पाया जा रहा है। मूंगी की फसल की अधिक आमद होने के चलते मंडी में मूंगी के अंबार लग गए हैं। अनाज मंडी का दौरा करने पर सामने आया कि किसान अपनी मूंगी की फसल के पास खरीद होने का इंतजार कर रहे थे। आसपास के गांवों से अपनी फसल लेकर पहुंचे किसान जसपाल सिंह संधू कलां, कर्म सिंह भूंदड़, मैंगल सिंह आलीके, बलवंत सिंह ने बताया कि अनाज मंडी में ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से मूंगी की फसल लेकर आए हैं, कितु फसल की बोली न होने के कारण तपती गर्मी में किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि मूंगी की फसल की प्राइवेट खरीद करने वाले आढ़तियों द्वारा ट्रकों की हड़ताल का बहाना बनाकर फसल की बोली को बंद कर दिया गया है। जिसका मुख्य कारण यह है कि फसल को कम दाम पर बोली लगाकर खरीदा जा सके। जो किसान किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। किसानों ने बताया कि बेशक कुछ दिन पहले मूंगी की फसल की छह हजार रुपये क्विवंटल बोली लगी थी कितु अब सुनने में आ रहा है कि 5300 के आसपास बोली लगेगी। किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले मूंगी की फसल अनाज मंडी में बेहद कम आई थी। जिस कारण छह हजार रुपये प्रति क्विवटल के करीब फसल बिकी थी कितु अब अनाज मंडी मूंगी की फसल से लबालब हो चुकी है। जिस कारण कम दाम पर बोली लगाकर व कोई बहाना बनाकर मूंगी की फसल को कम दाम पर खरीदना चाहते हैं। यह भी पता चला है कि मूंगी की फसल की खरीद करने वाले कुछ आढ़ती एक दुकान पर बैठे फसल की बोली संबंधी बैठक कर रहे थे। जिसमें कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अनीष मौड़, व्यापार मंडल के प्रधान दीपक बांसल, मदन घड़ैला ने बताया कि फसल की बोली लगातार जारी है कितु ट्रक आपरेटरों की हड़ताल के कारण यह समस्या आ रही है। फिर भी किसानों से बातचीत करके इसका कोई हल निकाला जाएगा व बोली को शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल के हिसाब से ही उसका दाम तय होगा। इस समय मार्केट कमेटी के गुरप्रीत सिंह, प्रधान इकबाल सिंह ढिलवां, हेमराज, राणा, आरके मौड़, अशोक कुमार, मनोज सिगला, बूटा राम, जीवन आदि उपस्थित थे।

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