जागरण संवाददाता, बरनाला

केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानून को रद्द करवाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेलवे स्टेशन बरनाला के बाहर पार्किंग समक्ष लगाया गया संयुक्त किसानों का धरना सोमवार को 236वें दिन भी जारी रहा। टिकरी बार्डर दिल्ली में लगातार दिए जा रहे रोष धरने में 6 माह पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चों द्वारा 26 मई को देश भर में काला दिवस मनाने संबंधी सभी किसानों को एकजुट होकर प्रदर्शन करने का आह्वान किया हैं। धरने में शहीद करतार सिंह सराभा का जन्म दिवस मनाया गया। 24 मई 1896 को पैदा हुए करतार सिंह सराभा महज 19 वर्ष की आयु में देश के लिए शहीद हुए थे। इसलिए गदर पार्टी के साथी उन्हें बाल जरनैल भी कहते थे। गदर पार्टी के प्राथमिक सदस्यों में शुमार सराभा कुर्बानी के ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर गया जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। धरने में शहीद की कुर्बानी को याद करते हुए उनकी जिदगी से प्रेरणा लेने की बात की।

धरने को संबोधित करते बलवंत सिंह उप्पली, करनैल सिंह गांधी, गोरा सिंह ढिल्लवां, गुरदेव सिंह मांगेवाल, मनजीत राज, बाबू सिंह खुड्डी कलां, सरपंच गुरचरण सिंह, हरचरण सिंह, बलवीर कौर, गुरनाम सिंह परमजीत कौर ने कहा कि दिल्ली धरनों ने छह माह का समय पूरा कर लिया है व धरने में किसान महिलाओं, मजदूरों, मुलाजिमों व अन्य लोगों की शमूलियत बढ़ रही है। विरोधी सियासी पार्टियां खुलकर किसानों के हक में आगे आ रही हैं। किसान नेताओं ने कहा कि उन्हें अपनी जीत की नजदीकी का अहसास हो गया है, वह जीतकर ही वापस लौटेंगे। राजविदर सिंह मल्ली व जगरूप सिंह ठुल्लीवाल ने वारें सुनाईं।

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