बरनाला [हेमंत राजू बरनाला]। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बार्डर पर ड्यूटी के दौरान पैर फिसलने से नदी में गिरने वाले बरनाला के गांव कुतबा के जवान सतविंदर सिंह का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। 20 वर्षीय बेटे की याद में मां सुखविंदर कौर बार-बार बिलख-बिलख कर रोती है। मां कदों आएंगा वे मेरा पुत्तर... कहकर अपने घर के गेट पर उसका इंतजार कर रही है।

सतिंदर को लापता हुए 41 दिन हो चुके हैं, लेकिन उसका कोई पता नहीं है। वहीं, पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में उसे श्रद्धाजंलि भी दी जा चुकी है। शहीद सैनिक सतविंदर सिंह के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का एलान भी हो चुका है, लेकिन हैरानीजनक बात यह है कि परिवार को इसकी सूचना तक नहीं है।

बरनाला के गांव कुतबा निवासी अमर सिंह व सुखविंदर कौर का लाडला छोटा बेटा सतविंदर सिंह 2018 में सिख फार एलआइ आर्मी पटियाला में सैनिक भर्ती हुआ था। सैनिक सतविंदर सिंह ने विगत 17 जुलाई 2020 को अपनी माता से पांच मिनट तक फोन पर बात करके घर परिवार का हाल पूछा था। तक वह अरुणाचल में भारत व चीन के बार्डर पर पेट्रोलिंग के लिए जा रहा था।

बताया जाता है कि रास्ते में नदी के पास लकड़ी का पुल टूटने के कारण सतविंदर सिंह व उसका साथी सैनिक लखवीर सिंह निवासी मोगा नदी में गिरने के बाद लापता हो गए थे। सतविंदर सिंह के लापता होने की परिजनों को 22 जुलाई को सूचना मिली थी, जबकि मोगा निवासी सैनिक लखवीर सिंह का पार्थिव शरीर नदी से निकाला जा चुका था। परिवार को उम्मीद है कि सतविंदर सिंह जिंदा है।

सतविंदर सिंह के पिता अमर सिंह, माता सुखविंदर कौर, बड़े भाई मनजिंदर सिंह व बड़ी बहन हरविंदर कौर ने कहा कि उनका लाडला अपने घर वापस आ जाए। वह प्रतिदिन उसकी चिंता में ही खोए रहते हैं। जब भी वह बार्डर पर तैनात सतविंदर के साथियों के साथ फोन पर उसके लापता के होने के बारे में बात करते हैंं तो वे कहते हैंं कि आप चिंता मत करो उसकी तलाश कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एक तरफ तो कोरोना की मार दूसरी उनकी मजदूरी का काम धंधा छूट जाने से घर में कुछ खाने को भी नही हैं। बस, वह केवल सतविंदर का इंतजार ही करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान व आप के हलका महलकलां के विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी उनसे मिलकर जरूर गए थे, परंतु अभी तक उन्हें किसी भी प्रकार की सरकार से सहायता नहीं मिली है। उन्होंने सेना व कैप्टन सरकार से बेटे को ढूंढने की गुहार लगाई है।

 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!