संवाद सहयोगी, तपा (बरनाला)

ठेका कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने पंजाब सरकार द्वारा पेश किए बजट व मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा मोर्चे के प्रांतीय नेताओं को बार-बार समय देकर टालमटोल करने की निदा की है। बैठक में हाजिर मोर्चे के प्रांतीय नेता कुलदीप सिंह, जगरूप सिंह, बलिहार सिंह, गुरविदर सिंह, शेर सिंह, रमनप्रीत कौर, जसप्रीत सिंह, पवनदीप सिंह, सुरिदर कुमार, सिमरनजीत सिंह, बलविदर सिंह, हरपाल सिंह, जगसीर सिंह आदि ने कहा कि बेशक पंजाब में सरकार बदल गई है परंतु सरकार द्वारा कारपोरेट हित की पूर्ति का रास्ता ही अपनाया गया। पंजाब सरकार द्वारा पेश किए बजट में बिजली, पानी, सेहत व शिक्षा, आवाजाही आदि सेवाओं के क्षेत्र में कारपोरेटरों की सेवा के लिए रास्ता आसान कर दिया है। ठेका कर्मचारियों को रेगुलर करने की पहली सरकार की ही तरह धोखा जारी रखा गया है। विभिन्न सरकारी विभागों में पिछले लंबे समय से आउटसोर्सिंग इनलिस्टिड आदि अन्य समूह कैटागरियों के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को विभागों में रेगुलर करने के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके विरोध में एक जुलाई को समूचे पंजाब में जिला स्तरीय इक्ट्ठ करके बजट की प्रतियां जलाकर रोष प्रदर्शन करते हुए सरकार की लोक विरोधी नीतियों से लोगों को अवगत करवाया जाएगा। -----------------

मुलाजिम विरोधी बजट के रोष में प्रदर्शन कल जागरण संवाददाता, संगरूर

ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा पंजाब ने सरकार द्वारा पेश किए बजट को मुलाजिम विरोधी करार देते हुए एक जुर्लाइ को संघर्ष का एलान किया है। मोर्चा के राज्य नेता कुलदीप सिंह, जगरूप सिंह व बलिहार सिंह ने कहा कि पंजाब की र्नइं सरकार बदल चुकी है। जो वादे किए गए थे, उनमें से एक भी सही तरीके से नहीं निभाया गया। लोगों में आक्रोष पैदा हो गया है। बिजली, पानी, शिक्षा, सेहत व आवार्जाइ की सेवाएं बेहतर बनाने का दावा करने वाली पंजाब सरकार कारपोरेट पक्षी है। सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया बजट किसी काम का नहीं है। इसमें मुलाजिम वर्ग के लिए र्कोइ योजना नहीं रखी र्गइ। नेताओं ने पंजाब सरकार द्वारा बार-बार बैठक करने के बाद रद्द करने के सिलसिले को धोखा बताया। उन्होंने कहा कि संगरूर में राज्य स्तरीय प्रदर्शन करने के बाद प्रशासन ने 28 जून को बैठक का समय तय किया था। लेकिन अब जरूरी काम बताकर बैठक करने से इंकार कर दिया है। इसके रोष में एक जुर्लाइ को राज्य भर में बजट की कापियां फूंककर रोष प्रदर्शन किए जाएंगे।

Edited By: Jagran