सोनू उप्पल, बरनाला : पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पराली जलाने पर पाबंदी लगाई है। इसके लिए जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। वहीं केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों द्वारा संघर्ष की आड़ में पराली जलाई जा रही है। दिन प्रतिदिनि किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले में बढ़ोतरी होती जा रही है। मंगलवार को बरनाला का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ)180 पर पहुंच गया।

जिले में इस साल अब तक पराली जलाने के कुल 3500 से अधिक मामले सामने आ चुके है। इसमें रेड एंट्री में करीब 25 किसानों की लिस्ट बनाई गई है। इसके साथ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा 13 किसानों के चालान किए गए है। पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदूषण विभाग की शिकायत पर एक किसान के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई गई है। गौर हो कि किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले में कार्रवाई को आने वाले अधिकारियों को बंधक बनाने की चेतावनी से सहमे अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे किसानों के हौसले बुलंद है व पराली जलाई जा रही है। हालांकि इस बार पराली जलाने के मामले में कमी देखने को मिली है व पिछले साल इस माह में अबतक 4500 मामले सामने आए थे। सरकार के नियमों का पालन करते हुए करीब 1000 किसानों द्वारा पराली की संभाल की गई है।

मरीजों के लिए बढ़ रही परेशानी

डाक्टर मनप्रीत सिंह ने कहा कि पराली जलाने से दमा व फेफड़ों के मरीजों को परेशानी बढ़ रही है। कोरोना मरीजों के लिए खतरा भी बढ़ सकता है। सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 30 मरीज खांसी, जुकाम व आंखों में जलन के सामने आ रहे है। पराली के धुएं से बचाव को लेकर बच्चे व बुजुर्ग बाहर न निकालें व हर व्यक्ति मास्क व चश्मा लगाकर बाहर निकले।

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