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जागरण संवाददाता, अमृतसर : कहते हैं कविताएं और कहानियां जीवन और जीवनी को परिभाषित करने के लिए आवश्यक होती है। जब समाज और आवाम की आवाज एक कवि अपनी कृति में डालता है, तब आशाएं और उम्मीदें पैदा होती हैं। बसंत एवेन्यू स्थित वीडीसीसी में सुकून की तरफ से ओपन माइक कार्यक्रम आयोजित करवाया, जिसमें शहर के अलावा दूर-दूर से आए प्रतिभागियों ने शाम की रंगत चार चांद लगा दिए।

कार्यक्रम की आयोजक शिवानी ठाकुर ने बताया कि वह खुद एक कवियत्री है। बकौल शिवानी का कहना है ऐसी महफिलें दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में आम चुकी हैं, लेकिन अमृतसर में नए कवि, युवा लेखकों के लिए बहुत कम कार्यक्रम होते हैं। वहां नए कवियों के बीच अपनी रचना प्रस्तुत करने पठानकोट से राघव भूटानी भी विशेष तौर पहुंचे। जबकि कार्यक्रम के आयोजन में श्रुति, राहुल, तनिशा ने अपना खास योगदान दिया और कहा कि यह शाम काव्य जगत के पृष्ठ पर सदैव जीवित रहेगी।

Posted By: Jagran

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