जागरण संवाददाता, अमृतसर: उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ओमप्रकाश सोनी ने साफ कहा कि सरकारी अस्पतालों में गलत मेडिको लीगल रिपोर्ट तैयार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सोनी ने सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह को निर्देश दिए कि वह मेडिको लीगल रिपोर्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने गलत रिपोर्ट बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही।

दरअसल, सिविल अस्पताल में मेडिको लीगल रिपोर्ट में धारा-326 की 21 फर्जी रिपोर्ट तैयार हुई थीं। पिछले एक माह में इस अस्पताल में डाक्टरों व कर्मचारियों की मिलीभगत से बनाई गईं इन रिपो‌र्ट्स को 25 नवंबर को अस्पताल प्रशासन ने रद कर दिया था। लड़ाई झगड़ों के केस में पैसे देकर छब्बी बनवाना या इसे हटवाना सिविल अस्पताल में लगातार जारी था। अस्पताल के दोनों एसएमओ डा. चंद्रमोहन और डा. राजू चौहान ने पिछले एक माह में तैयार मेडिको लीगल रिपो‌र्ट्स की बाकायदा जांच की थी। 50 से अधिक रिपो‌र्ट्स की जांच में 21 रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ। इन्हें रद कर संबंधित थानों में भेजा गया है। अब इनका पुन: रिव्यू कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। दैनिक जागरण ने इस संबंध में विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए मंत्री ने सिविल सर्जन सहित आला अधिकारियों को रिपो‌र्ट्स में पारदर्शिता लाने के आदेश दिए हैं। सिविल सर्जन ने कहा, गलत तरीके से कोई मेडिको लीगल हीं होगा

सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह ने कहा कि दोनों एसएमओ के साथ वह बैठक कर चुके हैं। गलत तरीके से कोई मेडिको लीगल हीं होगा। उपमुख्यमंत्री के आदेशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। हमने पहले ही गलत रिपोर्ट रद की हैं। सिविल अस्पताल में गलत काम करने वाले कर्मचारी चाहे वो डोप टेस्ट के नाम पर लोगों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं या फिर डाक्टर जो बाहर से मरीजों से दवाएं मंगवा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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