जागरण संवाददाता, अमृतसर: विजिलेंस ब्यूरो ने जगदंबा राइस मिल मालिक की अग्रिम जमानत याचिका को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। याचिका के बाद हाईकोर्ट ने उसकी 15 नवंबर को अग्रिम जमानत मन्जूर करते हुए उसे ब्यूरो के अधिकारियों की जांच में शामिल होने के आदेश दिए थे। अब इसमें अदालत में अगले सप्ताह सुनवाई होनी है।

विजिलेंस ब्यूरो ने खासा स्थित राइस मिल में 23 अक्तूबर को सायं छापामारी कर 10 हजार सरकारी बारदाना बरामद किया। मिल मालिक और पनग्रेन के दो इंस्पेक्टरों पर आइसीपी की धारा 406, 420, 462,468,471 और 120-बी में केस दर्ज हुआ। ब्यूरो के डीएसपी ने अग्रिम जमानत हासिल के लिए अदालत को गलत सूचना देने पर चुनौती देने का दावा किया है। विजिलेंस ने इसमें पनग्रेन के दो इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

बारदाना मिल परिसर से बाहर मिला

खासा स्थित जगदंबा राइस मिल मालिक विनोद कुमार ने अदालत से कहा कि बारदाना उसके कैंपस में से बरामद नहीं हुआ। उस दिन ब्यूरो के अधिकारियों ने कार्रवाई बरामद की लेकिन बारदाना मिल परिसर से बाहर मिला।

सरकारी बारदाने की 20 गांठों वाली ट्राली पकड़े जाने के मामले में फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टरों द्वारा उसके कैंपस में जांच की, लेकिन उन्हें भी इसमें कुछ नहीं मिला।

ब्यूरो के पास इससे जुड़े कई साक्ष्य

हाईकोर्ट के न्यायाधीश हरिदर सिंह सिद्धू ने मामले में 11 दिसंबर 2019 के लिए नोटिस आफ मोशन देते हुए केस में आरोपित बनाए गए मिल मालिक विनोद कुमार को सीआरपीसी के सेक्शन 438 (2) में अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। ब्यूरो के डीएसपी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मिल मालिक ने जमानत के लिए अदालत में यह कहकर कि उसके परिसर में बरामदगी नहीं हुई, गलत बयान दिए हैं। विभाग इसे लेकर आरोपित की अग्रिम जमानत को चुनौती देगा। क्योंकि ब्यूरो के पास इससे जुड़े कई सबूत हैं।

Posted By: Jagran

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