जेएनएन, अमृतसर। मिशन वंदे भारत के तहत विदेश में फंसे 211 भारतीयों को स्वदेश लाया गया। कुआलालंपुर से पहुंची फ्लाइट में 95 और वेंकुवर (कनाडा) से 116 भारतीय लाए गए। अलग-अलग राज्यों के अलावा अलग-अलग जिलों की प्रशासनिक टीमें इन्हें लेकर शुक्रवार सुबह रवाना हो गईं।

कुआलालंपुर से आई फ्लाइट में पंजाब के 76, चंडीगढ़ के पांच, हरियाणा के छह, जम्मू के चार, हिमाचल प्रदेश के दो, दिल्ली और मध्य प्रदेश का एक-एक व्यक्ति शामिल था। अमृतसर के 14, गुरदासपुर के 11, तरनतारन के तीन, जालंधर के छह, लुधियाना के 19, मोहाली के 10, पटियाला के पांच, चंडीगढ़, कपूरथला और पठानकोट और शहीद भगत सिंह नगर के तीन-तीन, फतेहगढ़ साहिब के दो और बठिंडा, फरीदकोट, होशियारपुर, फिरोजपुर का एक-एक यात्री शामिल हैंं। इन यात्रियों ने उन्हें क्वारंटाइन किए जाने का विरोध किया। कहा कि मलेशिया में उनका कोविड-19 टेस्ट हो चुका है। मगर अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन्हें 14 दिन तक क्वारंटाइन रहना ही होगा।

अमृतसर के लोगों में से कुछ को होटल और कुछ को स्वामी विवेकानंद सेंटर में क्वारंटाइन किया गया। दूसरी ओर वेंकुवर से एयर इंडिया की फ्लाइट 116 भारतीयों को लेकर पहुंची। इसमें अधिकांश कनाडा में शिक्षा के लिए गए विद्यार्थी शामिल थे। अमृतसर के यात्रियों को यहीं क्वारंटाइन कर दिया गया जबकि पंजाब के अन्य जिलों व बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को लेकर प्रशासनिक टीमें रवाना हो गईं जहां उन्हें भी क्वारंटाइन किया जाएगा। 

बता दें, गत दिवस चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी न्यूयार्क से पहली फ्लाइट आई। इसमें 100 भारतीयों की वापसी हुई, जिनमें अधिकांश पंजाब के थे। इसके अलावा कुछ यात्री हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल और उत्तराखंड के भी थे। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। मोहाली के सिविल सर्जन मनजीत ने बताया किसी भी यात्री में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए। हालांकि सभी यात्री क्वारंटाइन में रहेंगे। 

 

Posted By: Kamlesh Bhatt

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