जागरण संवाददाता, अमृतसर : लगातार हो रही प्रोजेक्टों में देरी और उनमें सुधार लाने के लिए 20-20 के तहत लाया गया सिस्टर सिटी प्रोजेक्ट फिलहाल बीच में ही अटक गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए 40 शहरों को लिया गया था। इस तहत धीमी रफ्तार वाले 20 शहरों को उन शहरों के साथ जोड़ा गया था, जहां पर स्मार्ट सिटी के तहत तेजी से काम हुआ है और साथ ही बेहतर काम किया गया है। ऐसे में अमृतसर की मदद के लिए सिस्टर सिटी के तहत वाराणसी को जोड़ा गया था। इस प्रोजेक्ट की घोषणा फरवरी, 2020 में हुई थी। मगर उसके बाद कोरोना के चलते लाकडाउन लग गया और सारा काम अधर में रह गया।

दोबारा वाराणसी की टीम से संपर्क करेंगे : एमएस जग्गी

स्मार्ट सिटी के सीईओ एमएस जग्गी ने कहा कि पहले कोरोना के कारण इस पर काम नहीं हो पाया था। मगर अब दोबारा से वाराणसी की टीम के साथ संपर्क कर किया जाएगा। ताकि उनके सहयोग के साथ काम को और ज्यादा बेहतर बनाया जा सके। पिछड़े शहरों में प्रेजेंटेशन देनी व गाइड करना था इसका लक्ष्य

सिस्टर सिटी में टाप-20 स्मार्ट शहर ने अपने यहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में जो भी काम किए, कितने समय में पूरे किए, किस तरह की तकनीक का प्रयोग किया आदि कि प्रेजेंटेशन देकर सहयोग करना था। इसके लिए बाकायदा स्मार्ट सिटी की टीमों को अपनी सिस्टर सिटी का दौरा भी करना था। ताकि पिछड़े शहर की समस्याओं के समाधान के लिए अपने प्रोजेक्ट्स की डीपीआर, फिजिबिलिटी रिपोर्ट, इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट साझा कर सकें।

7.50 किलोमीटर लंबा

बन रहा है स्मार्ट रोड

अमृतसर में मौजूदा समय में 7.50 किलोमीटर लंबा स्मार्ट रोड बनाया जा रहा है। यह रोड 12 गेट के इर्द-गिर्द बन रहा है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 65 हजार एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम, प्लास्टिक की बोतलें क्रश करने की मशीनें लगाई गई हैं और शहर की पार्कों को डेवलप किया गया है।

Edited By: Jagran