नितिन धीमान, अमृतसर: कस्बा मजीठा के गांव जेठूवाल स्थित जेपी मान क्लीनिक के स्टोर में मरीजों को रक्त चढ़ाया जा रहा था। रक्त चढ़ाने वाला 12वीं पास कर्मचारी है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम ने वहां रेड की तो टीम को देखकर क्लीनिक का संचालक डाक्टर भाग गया।

दरअसल, बींग ह्यूमन ब्लड डोनेशन सोसायटी व एंटी क्राइम एंड एनिमल प्रोटेक्शन एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सूचना मिली थी कि जेपी मान क्लीनिक में अवैध तौर पर मरीजों को रक्त चढ़ाया जा रहा है। यहां ब्लड ट्रांसफ्यूजन कौंसिल की गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है। एंटी क्राइम एसोसिशन के प्रधान डा. रोहण मेहरा ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह को दी। डा. चरणजीत ने एसएमओ मजीठा डा. सतनाम सिंह को टीम सहित वहां भेजा। क्लीनिक के साथ बने स्टोर में एक महिला मरीज को रक्त चढ़ाया जा रहा था। पास ही एक कर्मचारी खड़ा था। टीम ने उसकी शैक्षणिक योग्यता पूछी तो उसने 12वीं पास बताया। इस स्टोर में पेंट के डिब्बे, लकड़ी की सीढ़ी, टाइलें, पुरानी टाइलें, बिल्डिंग मटीरियल व ड्रम रखा हुआ था। क्लीनिक के संचालक डा. जसवंत सिंह अंदर ही थे। टीम ने उनसे कहा कि क्लीनिक में रक्त नहीं चढ़ा सकते। इस पर उन्होंने तर्क दिया कि वह बीएएमएस डाक्टर हैं। टीम ने उनसे डिग्री मांगी तो कल दिखाने की बात कही। टीम ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन कौंसिल द्वारा जारी लाइसेंस दिखाने को कहा तो डाक्टर बगलें झांकने लगा। डाक्टर भागा तो पीछा कर पकड़ा, फिर हो गया फरार

टीम जब जांच कर रही थी तो अचानक संचालक डा. जसवंत सिह वहां से गायब हो गया। पुलिस ने उसका पीछा कर कुछ दूरी से पकड़कर पुन: क्लीनिक ले आई। अभी जांच टीम और पुलिस यह चर्चा कर रहे थे कि क्या इस क्लीनिक को सील कर दिया जाए तो इतने में संचालक फिर वहां से फरार हो गया। जिस महिला को रक्त चढ़ाया जा रहा था वह भी वहां से निकल गई। क्लीनिक को जड़ा ताला

एसएमओ डा. सतनाम सिंह के अनुसार बीएमएस डाक्टर खुद रक्त चढ़ा सकता है, पर उसका कर्मचारी नहीं। यहां स्टोर में रक्त चढ़ाया जा रहा था। स्टोर में सफाई नहीं थी। अंदर पेंट का सामान पड़ा था। उन्होंने सारी जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय को दे दी है। फिलहाल क्लीनिक व स्टोर में ताला जड़ा गया है। बीएएमएस की डिग्री पर उठाए सवाल, ब्लड कहां से मिला इसकी जांच हो

बीइंग ह्यूमन ब्लड डोनेशन सोसायटी के अध्यक्ष मनीकर्ण ढल्ला के अनुसार डाक्टर ने क्लीनिक में जो बीएएमस की डिग्री लगाई है, वह नकली प्रतीत हो रही है। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर इस क्लीनिक को सील करे और सख्त कार्रवाई करे। शहर व देहात में ऐसे असंख्य क्लीनिक हैं जहां अवैध तरीके से ब्लड चढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा जिस ब्लड बैंक से क्लीनिक में रक्त भेजा गया, उसकी भी जांच करवाई जाए। एमबीबीएस डाक्टर के हस्ताक्षर व मुहर के बिना ब्लड बैंक से रक्त जारी नहीं किया जा सकता। जेएस मान क्लीनिक में एमबीबीएस डाक्टर है ही नहीं तो फिर ब्लड बैंक ने ब्लड क्यों दिया, इसकी भी जांच हो। क्या है नियम

-जिस जगह पर रक्त चढ़ाया जाता है वह साफ सुथरी होनी चाहिए। पर वहां सफाई नहीं थी। अंदर पेट का सामान पड़ा था।

-कमरे का तापमान कम होना चाहिए, पर यहां ऐसा नहीं था।

-ब्लड ट्रांसफ्यूजन कौंसिल की ओर से जारी लाइसेंस नहीं था।

Edited By: Jagran