जासं, अमृतसर: चीफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका सहित 13 सैन्य अधिकारियों व जवानों के निधन पर पूरा देश गमजदा है। शहीद मदनलाल ढींगरा स्मारक समिति की ओर से शनिवार को शिव नगर इस्लामाबाद स्थित रानी झांसी भवन में इन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला विशेष तौर पर शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि देश ने बहादुर अधिकारी व जवान खो दिए। जनरल रावत एक सच्चे देशभक्त तो थे ही, साथ ही देश की सुरक्षा के लिए उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। वहीं जनरल रावत की अंतिम संस्कार के समय वीर सेनापति की बेटियों ने देश को यह रास्ता दिखाया है कि बेटियां बेटों से कम नहीं। यह अपने माता पिता का अंतिम संस्कार कर रही हैं। जो अंधविश्वासी यह घोषणा करते हैं कि जिसका बेटा नहीं वह नरक में जाते हैं। देख ले एक शानदार जनरल की शानदार बेटियां हिदुस्तान की अंधविश्वासी और बेटियों की दुश्मन सोच को किस तरह परास्त करके अपने माता पिता को अंतिम विदा दे रही है। देश के जो ऐसे तथाकथित धर्म गुरु जो लड़कियों की निदा करते हैं या लड़कियां माता-पिता को अंतिम समय हाथ ना लगाई यह ढिढोरा पीटते हैं उन्हें अब शर्म आनी चाहिए चाहिए और उन्हें पूरे समाज से माफी मांगनी चाहिए। खासकर भारत की महिलाओं से माफी मांगे कि उनके गलत वक्तव्य में महिलाओं का सम्मान कम किया। इस अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, माला चावला, प्रो. ललित, राजेश शर्मा, अनिल पाठक, किशोर चड्ढा आदि उपस्थित थे।

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