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पंजाब में अब नहीं मिलेंगी ये दवाइयां, केमिस्ट एसोसिएशन का बड़ा फैसला; कंपनियों को लौटाएंगे स्टॉक

Published: Sun, 25 Oct 2026 09:11 PM (IST)

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने प्रेगाबालिन सहित सभी आदत डालने वाली दवाओं की बिक्री बंद करने का फैसला किया है। केमिस्टों ...और पढ़ें

मेडिकल दुकानों में अब नहीं मिलेंगी ये दवाइयां। फाइल फोटो

मेडिकल दुकानों में अब नहीं मिलेंगी ये दवाइयां। फाइल फोटो

HighLights

  1. केमिस्टों ने प्रेगाबालिन बिक्री रोकने का लिया निर्णय।

  2. आदत डालने वाली दवाओं का स्टॉक कंपनियों को लौटाएंगे।

  3. प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई।

जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन (पीसीए) की बैठक में प्रेगाबालिन सहित सभी हैबिट फार्मिंग (आदत डालने वाली) दवाओं की बिक्री बंद करने का फैसला लिया है। जिसमें केमिस्टों की तरफ से सारा स्टाक होलसेलरों-कंपनियों को वापस करने की बात कही गई। इस बारे में एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान सुरिंदर दुग्गल ने जानकारी दी है।

उनके मुताबिक आनलाइन बैठक में 23 जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। वहीं प्रशासन से भी मांग की गई है कि मरीजों को यह दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। एसोसिएशन की मीटिंग में कहा गया कि पंजाब के सभी 30 हजार दवा कारोबारियों को शक की नजर से देखे जाने से उनका मनोबल गिरा है।

दवाओं के अवैध बिक्री के खिलाफ

पीसीए के प्रधान दुग्गल और महासचिव जीएस चावला की अध्यक्षता वाली बैठक में कारोबारियों ने कहा कि दवा बेचने वालों का चरित्र हनन किया जा रहा है, जिससे कारोबारी आहत हुए हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे प्रतिबंधित और नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के पूरी तरह खिलाफ हैं। एसोसिएशन ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों के साथ खड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान केमिस्टों ने जान जोखिम में डालकर लाखों मरीजों तक दवाएं पहुंचाई। वहीं बाढ़ पीड़ितों के लिए भी कैंप लगाकर दवाएं बांटी गई। इसके बावजूद सरकारी स्वास्थ्य अभियानों में मुफ्त दवाएं देने वाले केमिस्टों को वर्तमान में शक की निगाह से देखा जा रहा है। एसोसिएशन ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांडकी भी निंदा की।

मरीज को परेशान करना उद्देश्य नहीं

कारोबारियों ने कहा कि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग व पुलिस द्वारा राज्य के लगभग 30,000 दवा विक्रेताओं का मनोबल गिराया जा रहा है। हर केमिस्ट को संदेह के घेरे में रखकर दुकानों की चेकिंग की जा रही है। वहीं छोटी-छोटी बातों पर बिना समय दिए सीधे दुकानें सील की जा रही हैं।

प्रधान दुग्गल ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य किसी मरीज को परेशान करना नहीं है लेकिन दवा बेचने वालों को शक की निगाह से देखे जाने के कारण यह फैसला लिया गया है।