संवाद सहयोगी, अमृतसर

खालिस्तान से संबंधित स्टीकर वाहनों के उपर लगाए जाने की बाते सुरक्षा एजेंसियों के लिए भविष्य में खतरे की घंटी के सामान है। यह स्टीकर कौन लगा रहा है इस बारे भी सुरक्षा एजेंसियां की नजर नहीं पड़ रही है, पर एक बात लगातार बढ़ रही है कि इस तरह के स्टीकरों की बढ़ती संख्या सूबे के शांत माहौल को अशांत कर सकती हैं। यह बात बुधवार की रात को एक बस के पीछे लगे खालिस्तान के स्टीकर लगे होने के बाद सामने आई है। स्टीकर लगी इस बस को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।

अमृतसर रेलवे स्टेशन में रात को कई वीडियो कोच वाली बसें जम्मू तथा दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। इस जगह पर एक वीडियो बस पीबी01-ए-4912 खड़ी थी। इस बस के पीछे नंबर प्लेट वाली जगह पर खालिस्तान ¨जदाबाद पंजाबी अक्षरों में लिखा हुआ था। इसके अलावा स्टीकर में अंग्रेजी भाषा में खालिस्तान रिफरेंडम 2020 लिखा हुआ है। स्टीकर की सूचना जब पुलिस को मिली तो थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर शिव दर्शन के नेतृत्व में एक टीम ने बस को कब्जे में ले लिया। जांच के बाद इस बस से स्टीकर उतारकर प्रबंधकों को दे दिया गया। इंस्पेक्टर शिव दर्शन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी जिसके आधार पर यह कार्यवाही की है। पुलिस के समक्ष बस प्रबंधकों ने बात स्पष्ट की कि उनकी बस में स्टीकर किस ने लगाया है उनको कुछ भी पता नहीं है।

खालिस्तान रिफरेंडम 2020 व अन्य कई तरह के खालिस्तान संबंधी स्टीकर मोटरसाइकिलों, कारों में भी लगे दिखाई दे रहे हैं।

¨हदू संगठनों ने जताई ¨चता

राष्ट्रवादी शिवसेना के प्रधान सचिन बहल, संयोजक ओम प्रकाश कुक, शिव सेना पंजाब के सुधीर सूरी ने कहा कि खालिस्तान रिफरेंडम 2020 के स्टीकर लगा होना पंजाब के शांतिमयी वातावरण के लिए घातक है। सुरक्षा एजेंसियों व सरकार को इस बारे सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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