जागरण संवाददाता, अमृतसर : महानगर में प्रतिबंधित दवाओं का धंधा करने वाले गिरोह का सरगना नवीन गुप्ता पिछले तीन माह में भोपाल (मध्य प्रदेश) और देहरादून (उत्तराखंड) से 5.40 लाख गोलियां मंगवा चुका है। उक्त बड़ी खेप में से 1.94 लाख गोलियां कत्थूनंगल थाने की पुलिस बरामद कर चुकी है। जबकि शेष बड़ी खेप को गिरोह के नौ सदस्य बड़ी आसानी से शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा चुकी हैं। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप को शहर की किन-किन केमिस्ट शाप पर बेचा गया है। हिरासत में दवा कारोबारी नवीन गुप्ता ने अपने गिरोह के सदस्य मनीष कुमार उर्फ मन्नू महाजन, रोहित कुमार, कृपाल सिंह, कर्मजीत सिंह, मुन्ना और अंकुश महाजन के बिलों की जांच कर रही है। पकड़े गए सातों आरोपितों ने पुलिस हिरासत में कई अहम राज उगले हैं।

नौ सौ पेटी मंगवाई थी आरोपितों ने

कत्थूनंगल थाना प्रभारी हिमांशु भगत ने बताया कि आरोपित नवीन गुप्ता ने लगभग तीन महीने पहले मध्यप्रदेश के भोपाल और उत्तराखंड के देहरादून में चल रही दवा फैक्टरी से लगभग तीन महीने पहले प्रतिबंधित दवाओं की नौ सौ पेटी मंगवाई थी। एक पेटी में सौ डिब्बे रहते हैं और 60 हजार गोलियां होती हैं। एक डिब्बा मार्केट में तीन हजार रुपये से लेकर साढ़े तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा था। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में शनिवार की देर रात अंकुश महाजन को काबू कर लिया गया था। जबकि विवेक महाजन और सन्नी टारजन की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।

ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर भी नजर

प्रतिबंधित ट्रामाडोल को पकड़ने के लिए अमृतसर देहाती पुलिस ने शहर की ट्रंासपोर्ट कंपनियों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है। खासकर घी मंडी, जहाजगढ़ में पड़ती उक्त कंपनियों के मालिकों और कारिदों से भी बातचीत की जा रही है। पुलिस ने अपील की है कि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनियों के सहयोग की जरूरत है। क्योंकि अन्य राज्यों और शहरों से आने वाला ज्यादातर सामान ट्रकों के मार्फत ही लाया जा रहा है।

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