'अधेड़ से शादी करवा रहे थे, इसलिए भागी...', मां ने पुलिस में बेटी के अपहरण की दी शिकायत, तो किशोरी का आया रिएक्शन
तरनतारन की 16 वर्षीय किशोरी ने मीडिया के सामने आकर बताया कि उसे अगवा नहीं किया गया था, बल्कि अधेड़ ...और पढ़ें

जबरन शादी से बचने के लिए भागी तरनतारन की किशोरी, अपहरण का दावा निकला झूठा।
HighLights
किशोरी ने अधेड़ से जबरन शादी के डर से घर छोड़ा।
मां ने अपहरण का मामला दर्ज कराया, जो झूठा निकला
लड़की डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई जारी रखना चाहती है
जागरण संवाददाता, तरनतारन। गांव बुग्गा की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी के अगवा होने बाबत उसकी मां द्वारा थाना सदर में दर्ज करवाई एफआईआर पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि किशोरी ने दावा किया है कि उसे किसी ने अगवा नहीं किया, बल्कि अधेड़ उम्र के युवक के साथ तय किए जा रहे विवाह के डर से घर से भागी थी। किशोरी ने अपनी मां व अन्य रिश्तेदारों पर विवाह लिए जबरी दबाव डालने का आरोप लगाते जिले के एसएसपी को शिकायत भेजी है।
थाना सदर तरनतारन में 11 अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें गांव बुग्गा से संबंधित केहरशेर सिंह पर किशोरी को अगवा करने का आरोप था। किशोरी की मां ने ही एफआईआर दर्ज करवाई थी। मां के बयानों मुताबिक उक्त आरोपित आठ अगस्त को रात सवा आठ बजे बेटी को विवाह का झांसा देकर घर से अगवा करके ले गया था।
एएसआई राजपाल सिंह ने जांच शुरू की, लेकिन नौ दिन तक कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार दोपहर को उक्त किशोरी मीडिया के सामने आई। उसने बताया कि मां व अन्य रिश्तेदार अधेड़ उम्र के युवक से उसकी शादी करना चाहते थे। सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा ने एसएसपी को शिकायत भेजते बताया कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है। उसके पिता की मौत हो चुकी है।
मां रिश्तेदारों के कहने पर उससे मारपीट करती है। जबरी विवाह के दबाव के चलते वह आठ अगस्त की रात को घर से भागी थी। कई दिनों तक वह धार्मिक स्थानों पर रही। इस दौरान पता चला कि उसकी मां ने गांव के युवक केहरशेर सिंह के खिलाफ अगवा का केस दर्ज करवाया है, जबकि वह उक्त युवक को जानती भी नहीं।
पुलिस पर सवाल उठाना ठीक नहीं: डीएसपी
सब डिविजन गोइंदवाल साहिब के डीएसपी हरिंदर सिंह का कहना है कि गांव बुग्गा से संबंधित महिला द्वारा अपनी बेटी के अगवा बाबत लिखित शिकायत दी गई थी, जिसके आधार पर थाना सदर में एफआईआर दर्ज की गई।
अगवाशुदा किशोरी अभी तक पुलिस समक्ष नहीं पहुंची। अगर लड़की पुलिस या अदालत में अपने बयान दर्ज करवाती है तो उसी के आधार पर अगली कार्रवाई होगी। पुलिस ने किशोरी के अगवा होने के मामले में केस दर्ज करके अपनी जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे में पुलिस के काम पर सवाल उठाने ठीक नहीं।
