अमृतसर [हरदीप रंधावा]। 'आज मैं जो कुछ भी हूं, वो अपनी मां की बदौलत हूं। उन्हीं की प्रेरणा से ही मुझे मिस यूनिवर्स का खिताब हासिल हुआ।' यह विचार बॉलीवुड अदाकारा व मॉडल सुष्मिता सेन ने फिक्की फ्लो अमृतसर की तरफ से मदर्स-डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कहे।

सुष्मिता सेन ने कहा कि समाज में बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर जरूर देना चाहिए, क्योंकि यदि उनकी मां या परिवार ने उन्हें मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता में शामिल होने से रोका होता, तो आज इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था।

सुष्मिता के कहा कि वह मदर टेरेसा से प्रभावित हैं। मां की ममता मां ही समझ सकती है। ममता हर महिला में होती है। मदर्स-डे हर दिन होता है। सिंगल मदर होने की वजह से उन्होंने दो बेटियों को गोद लिया है। भले ही उन्होंने बेटियों को अपनी कोख से जन्म नहीं दिया, मगर उन्होंने अपने दिल से उन्हें जन्मा है।

सुष्मिता की बहादुरी से देश में बच्चे गोद लेने का रुझान बढ़ा : वर्मा

फिक्की फ्लो की चेयरपर्सन आरुषि वर्मा ने कहा कि मदर्स-डे पर सुष्मिता सेन के विचार सुनने के बाद अमृतसर की महिलाओं में साहस जागा है। सुष्मिता सेन की बहादुरी से देश में 45 प्रतिशत बच्चे गोद लेने का रुझान बढ़ा है। जब सुष्मिता सेन की दोनों बेटियों ने पूछा कि जब कोई उन्हें उनके पिता का नाम पूछे, तो वे क्या जवाब दें, तो सुष्मिता सेन का जवाब था कि आपको अपने पिता का नाम शिवा बताना चाहिए, क्योंकि वो सबके पिता हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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