जासं, अमृतसर : उपभोक्ता अदालत ने ग्राहक को सामान डालने के लिए कैरी बैग नहीं देने पर एक बड़े स्टोर को सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यही नहीं कोर्ट ने आदेश में कहा कि कैरी बैग के दाम और उसके ब्याज सहित यह राशि का भुगतान करना होगा। उसे अदालती खर्च भी देना होगा। अदालत ने यह भी कहा है कि पैसे लेकर कैरी बैग देना बंद करना होगा।

लारेंस रोड के रहने वाले अमित खन्ना ने उपभोक्ता अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा था कि 15 सितंबर, 2019 को वह मॉल आफ अमृतसर में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टोर पर गए थे। वहां से उन्होंने 4599 रुपये के कपड़े खरीदे थे। काउंटर पर तैनात सेल्समैन ने उन्हें कपड़े कैरी बैग में डालने के बजाय खुले ही थमा दिए। जब उन्होंने कैरी बैग मांगा तो स्टोर के सेल्समैन ने कैरी बैग के सात रुपये भुगतान करने को कहा। मजबूरी में उन्हें कपड़े संभालने के लिए सात रुपये में कैरी बैग खरीदना पड़ा। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता अदालत में उक्त स्टोर के खिलाफ याचिका दायर की थी। इससे पहले चेक बाउंस केस में महिला को हुई थी सजा

न्यायाधीश हरप्रीत कौर की अदालत ने एक दिन पहले चेक बाउंस के एक मामले में कश्मीर कौर नाम की महिला को छह महीने की सजा सुनाई। नाग कलां निवासी जतिदर सिंह ने कोर्ट में दायर की याचिका में बताया था कि मजीठा रोड स्थित मून एवेन्यू निवासी बलविदर कौर की पत्नी कश्मीर कौर उनकी परिचित थीं। कुछ साल पहले कश्मीर कौर ने उन्हें बताया था कि वह कारोबार करना चाहती हैं और उसे दो लाख रुपये की जरूरत है। इस पर उन्होंने महिला को दो लाख रुपये फ्रेंडली लोन मुहैया करवा दिया था। बदले में उससे एक सिक्योरिटी चेक लिया था लेकिन समय रहते कश्मीर कौर ने पैसे नहीं लौटाए। जब उन्हें पैसे मिलने की उम्मीद खत्म हो गई तो उन्होंने कश्मीर कौर का दिया चेक अपने बैंक खाते में कैश करवाने के लिए लगा दिया जो उपयुक्त राशि नहीं होने पर बाउंस हो गया।

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