नवीन राजपूत, अमृतसर: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले बिहार के मधुबनी जिला स्थित गांव भेजा के शमशाद और कोलकाता के जफर रियाज की गिरफ्तारी के बाद स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) ने वीरवार शाम रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। आशंका है कि ये तीनों भी शमशाद के इशारे पर शहर के सैन्य ठिकानों की जानकारी एकत्र कर रहे थे। एसएसओसी की एक टीम संदिग्धों से पूछताछ कर रही है व अन्य टीमें उनके कब्जे से मिले मोबाइल फोन को खंगाल रही है। एसएसओसी के एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के बेनियापुकर गांव में रहने वाले रियाज ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान की एंबेसी और आइएसआइ एजेंट आवेश उसका भारत का वीजा नहीं लगने दे रहे थे। उसे मजबूर किया जा रहा था कि वह आइएसआइ के लिए भारत में जाकर जासूसी करे। इसी शर्त पर उसे भारत का वीजा उपलब्ध करवाया जाता रहा। एसएसओसी ने आरोपित रियाज का नया पासपोर्ट बरामद किया है जबकि उसके पुराने पासपोर्ट का पता लगाया जा रहा है।

दरअसल, एसएसओसी ने बुधवार को दोनों आरोपितों को अमृतसर के रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि रियाज और शमशाद श्री गुरु रामदासस जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एयरफोर्स एयरबेस की तीन बार अच्छी तरह से रेकी कर चुका है। इन तीनों जगहों के बारे में उसने बहुत सी जानकारियां प्राप्त कर ली थीं। कुछ जानकारियां वह अपने फोन के जरिए आइएसआइ एजेंट आवेश को भी भेज चुका है। रियाज को आइएसआइ से आदेश मिला था कि अमृतसर के खासा, पठानकोट के एयरबेस और जालंधर के सैन्य ठिकानों की जानकारियां जल्द इकट्ठा करके पाकिस्तान भेजी जाए। पुलिस को जासूसी के आरोपों में पकड़े गए दोनों आरोपितों के मोबाइल फोन की गैलरी से सैन्य ठिकानों की भेजी गई फोटो बरामद हो चुकी हैं। आशंका है कि विगत में पकड़े गए विस्फोटक पदार्थ इन्हीं आरोपितों की ओर से की गई रेकी के बाद कुछ ठिकानों पर इस्तेमाल होने थे। कोर्ट ने जाफर और शमशाद को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

इन दोनों जासूसों के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं और बार्डर पार से ड्रोन द्वारा गिराए गए विस्फोटक का पता लगाया जा रहा है। एसएसओसी ने वीरवार की दोपहर जाफर रियाज और शमशाद को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।

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