जागरण संवाददाता, अमृतसर : एक्साइज एंड टैकसेशन विभाग में जमा होने वाले सी फार्म को लेकर व्यापारी वर्ग असमंजस में हैं। विभाग की ओर से इस संबंधी एक पब्लिक नोटिस भी जारी किया है, क्योंकि व्यापारी वर्ग तो अपना सी फार्म समय पर जमा करवाते या इसके लिए तैयार रहते हैं। मगर विभाग में उसकी देखभाल न होने के कारण वह लापता हो जाता है। जिसका खामियाजा फिर से व्यापारियों को ही भुगतना पड़ता है। अब व्यापारियों की मांग है कि सी-फार्म के बदले डिजीटल रसीद प्राप्त होनी चाहिए।

इस संबंधी पंजाब व्यापार मंडल ने भी विभाग को लिखकर भेजा था, ताकि जीएसटी भरने और रिफंड लेने में व्यापारियों को ज्यादा मुश्किल का सामना न करना पड़ा।

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान प्यारा लाल सेठ और महासचिव समीर जैन ने कहा कि व्यापारियों की ओर से जमा किए सी फार्म की विभाग को डिजीटल रसीद दी जानी चाहिए, क्योंकि आम तौर पर सी फार्म जमा करने के बाद विभाग में उसकी देखभाल में कमी होने के कारण वह लापता हो जाते है। जिससे व्यापारियों को दोबारा से सी फार्म जमा करने के लिए कहा जाता हैं। उन्होंने कहा कि एक पब्लिक नोटिस के आधार पर व्यापारियों से टैक्स लिया जाना गलत है। पहले अस्सेमेंट की जाए। फिर अगर व्यापारी का इनपुट टैक्स क्रेडिट बकाया है तो तो सी-फार्म न दिए जाने की स्थिति में टैक्स देनदारी को इनपुट टैक्स क्रेडिट में अडजेस्ट कर बकाया टैक्स ही लिया जाना चाहिए। असेस्मेंट को पहले 31 मार्च तक पूरा किया जाना था। बाद में यह तारीख पढ़ा कर 17 अगस्त कर दी थी। मगर कोविड-19 को देखते हुए अवधि को बढ़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा व्यापारियों की मांग है कि जीएसटी से संबंधित प्रक्रिया को सरल किया जाए।

Edited By: Jagran

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!