कमल कोहली, अमनदीप, अमृतसर: कपड़ों के कारोबार में अमृतसर की सबसे बड़ी शास्त्री मार्केट में कभी करोड़ों का कारोबार होता था परंतु अब हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। मार्केट मंदी के दौर से गुजर रही है। दुकानदार परेशान हैं। खर्चे नहीं निकल रहे। मार्केट में बिजली की तारों का जाल बिछा हुआ है। पार्किग की उचित व्यवस्था नहीं है। लोगों बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करते हैं जिससे कई बार वहां से गुजरने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के कारण दुकानदार तंगी से गुजर रहे हैं। दैनिक जागरण के फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने अपनी दिक्कतों को उठाया। दुकानदार आस लगाए बैठे हैं कि सरकार उन्हें इस मंदी से निकालने के लिए कुछ राहत देगी। वह विशेष पैकेज की मांग भी कर रहे हैं। समस्याएं काफी हैं। सरकार को इस बारे पता भी है पर केंद्र और पंजाब की सरकार कारोबारियों के लिए कोई राहत नहीं दे रही है। इससे दुकानदारों को काफी परेशानी आ रही है।

लविश कपूर, दुकानदार शास्त्री मार्केट व्यापारिक दृष्टि से काफी विख्यात है। दूसरे प्रदेशों से भी काफी ग्राहक आते हैं लेकिन यहां उचित पार्किग स्थल नहीं है। वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं है। सरकार को इस समस्या का हल करना चाहिए।

सतीश कपूर, दुकानदार हर टैक्स समय से लिया जा रहा है पर दुकानों में ग्राहक नहीं है। इसके बावजूद कई दुकानदार अपने कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं। सरकार को चाहिए था कि कारोबारियों और उनके कर्मचारियों के लिए कोई विशेष पैकेज दे।

संजय आनंद, दुकानदार हर कारोबार में मंदी का दौर चल रहा है। ग्राहक बाजार में नाममात्र ही है। टूरिस्ट न होने के कारण भी मार्केट मंदी के दौर में गुजर रही है। लोगों की परचेजिग पावर में कमी आई है। इस कारण होलसेल की मार्केट भी प्रभावित हुई है।

वैभव आनंद, दुकानदार बाजार में फैले बिजली की तारों के जाल को ठीक किया जाए। इससे अकसर हादसे का डर रहता है। इसके अलावा सरकार को दुकानदारों की सहायता करनी चाहिए। उन्हें टैक्सों में रिलीफ देनी चाहिए।

शिव, दुकानदार जब तक कोविड-19 की महामारी समाप्त नहीं होती, तब तक हालात ऐसे ही रहने की संभावना है। इसलिए सरकार को कारोबारियों की सहायता करनी चाहिए। दुकानदारों को आर्थिक पैकेज देना चाहिए।

राकेश शर्मा, दुकानदार बाजार में कई समस्याएं हैं। इसका समाधान होना चाहिए। कारोबारियों को टैक्सों में माफी होनी चाहिए। कारोबारियों को आर्थिक पैकेज देना चाहिए। जब तक ग्राहकों की कमी है, टैक्स माफ होने चाहिए।

सतीश कोछड़, दुकानदार शास्त्री मार्केट जहां पर करोड़ों का व्यापार होता था अब नाममात्र ही कारोबार रह गया है। खर्चे निकलना मुश्किल है। दुकानदार परेशान हैं। कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल होता जा रहा है।

अशोक चोपड़ा, दुकानदार सीजन के दिनों में भी कारोबार प्रभावित रहा है। इस कारण दुकान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। यदि हालात ऐसे रहे तो दुकानों के खर्चे निकालना मुश्किल हो जाएगा। सरकार को सहायता करनी चाहिए।

आशीष वधवा, दुकानदार मंदी के दौर में काम करना मुश्किल है। सुबह दुकान तो खोलते हैं पर नाममात्र ग्राहक आते हैं शाम को मायूस घरों को चले जाते हैं। आय बिल्कुल नहीं है। हालात काफी नाजुक हैं। सरकारों को मदद करनी चाहिए।

राम उप्पल, दुकानदार

Edited By: Jagran