संवाद सहयोगी, अमृतसर : पूर्व डिप्टी स्पीकर प्रो. दरबारी लाल ने दवाइयों की मार्केट पर बार-बार पुलिस और विभाग की ओर से छापेमारी पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इससे केवल दवाई विक्रेता की परेशानियों में इजाफा करने के सिवाय कुछ ठोस नहीं निकलता। न तो सरकार को कोई फायदा होता है और न ही विभाग नशे पर नियंत्रण कर सका है। बार-बार छापेमारी से दवाई विक्रेता विभाग के डर के कारण दुकानें बंद कर देते हैं, जिससे छोटे दुकानदारों को होलसेल मार्केट से दवाई खरीदना मुश्किल हो जाता है। प्रो. लाल ने कहा कि जिन दवाइयों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे रखी है उन दवाइयों को बेचने पर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं चाहिए। हैरानी की बात यह है कि जो दवाइयां पंजाब के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों में आसानी से दुकानों पर उपलब्ध है उन दवाइयां पर पंजाब सरकार ने पाबंदी लगा रखी है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि आज के युग में अत्याधिक लोग चिता से ग्रस्त है और रात को नींद न आने के कारण अति परेशान रहते हैं। नींद की गोली खाने से वह कम से कम रात को तो आसानी से सो सकते हैं। विशेष करके उम्रदराज लोग नींद की गोली के बिना सारी रात करवटें ही लेते रहते हैं। सरकार को स्मैक और इससे संबंधित नशों को दूर करने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए और दवाई विक्रेताओं को प्रति दिन की इस परेशानी से भी निजात दिलाई जाए।

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