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CTET परीक्षा में सिख परीक्षार्थियों के कड़े उतरवाने पर SGPC सख्त, धामी ने जांच के आदेश दिए

Published: Mon, 09 Feb 2026 10:57 AM (IST)

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में सिख परीक्षार्थियों के कड़े ...और पढ़ें

CTET परीक्षा में सिख परीक्षार्थियों के कड़े उतरवाने पर SGPC अध्यक्ष धामी का कड़ा रुख (फाइल फोटो)

CTET परीक्षा में सिख परीक्षार्थियों के कड़े उतरवाने पर SGPC अध्यक्ष धामी का कड़ा रुख (फाइल फोटो)

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जागरण संवाददाता, अमृतसर। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान सिख परीक्षार्थियों के कड़े उतरवाए जाने के मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जांच के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना सिख विरोधी मानसिकता का प्रकट रूप है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए बठिंडा के गांव भोखड़ा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र में सिख परीक्षार्थियों के कड़े उतरवाने का मामला सामने आया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब सिख बहुल क्षेत्र है, जहां हर व्यक्ति जानता है कि कड़ा सिखों की आस्था का अभिन्न अंग है। इसके बावजूद इस प्रकार की कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने सवाल उठाया कि गुरु की धरती पंजाब में इस तरह की घटनाएं किसके इशारे पर हो रही हैं। क्या पंजाब सरकार इसे मौन स्वीकृति दे रही है? यदि ऐसा है तो यह अत्यंत दुखद है। एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

जांच के लिए गुरुद्वारा श्री हाजीरतन साहिब बठिंडा के मैनेजर सरदार दर्शन सिंह, सब-ऑफिस तलबंडी साबो के इंचार्ज सरदार भोला सिंह तथा प्रचारक सिंहों की ड्यूटी लगाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।

एडवोकेट धामी ने पंजाबवासियों से अपील की कि ऐसी घटनाओं का मौके पर ही विरोध दर्ज कराया जाए। किसी भी सिख विरोधी कार्रवाई को चुनौती देना और सिख पहचान से जुड़े मामलों में अपनी आवाज उठाना हर सिख का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी हरकतों को मौन स्वीकृति मिलती रही तो सिख विरोधी तत्वों के हौसले और बुलंद होंगे।