नितिन धीमान, अमृतसर

सितंबर महीने की गर्मी सितमगर बनकर सितम ढाने लगी है। आमतौर पर हर साल इस महीने में उमस छूमंतर हो जाती है और गर्मी तथा गुनगुनी सर्दी का मिश्रित सा अहसास बना रहता है। इस बार उमस भरी गर्मी के साथ—साथ तीखी धूप भी परेशान कर रही है। इस चिपचिपे मौसम में लोगों खासकर 8 से 10 वर्ष तक के बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा मंडरा रहा है।

दरअसल, वातावरण में हवा का दबाव बढ़ा है। इस वजह से उमस बनी हुई है। नमी के कारण बच्चों के शरीर से पसीना तो निकल रहा है, पर वैपोरेट यानी सूख रही रहा। ऐसे में बच्चों की बॉडी ओवरहीट हो जाती है और उन्हें हीट स्ट्रोक होता है। कई अभिभावकों को स्कूल से फोन आता है कि उनका बच्चा प्रार्थना सभा में गिरकर बेहोश हो गया। असल में यही हीट स्ट्रोक है, जो बच्चे को कुछ पलों के लिए बेसुध कर देता है। जिले के सिविल अस्पताल, गुरुनानक देव अस्पताल व तमाम निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक का शिकार बच्चों को लाया जा रहा है। 100 में से 5 बच्चों को ऐसी शिकायत है।

गवर्नमेंट टीबी अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुप¨रटेंडेंट डॉ. नवीन पांधी के अनुसार मनुष्य शरीर का तापमान बरकरार रखने के लिए पसीना निकलता रहता है। इस मौसम में हवा स्थिर है इसलिए पसीना सूख नहीं पाता। इस वजह से शरीर का नेचुरल कू¨लग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। कई मामलों में बच्चों के शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। 100 में से 5 बच्चों को हीट स्ट्रोक आ रहा है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप अग्रवाल के अनुसार इन दिनों बच्चों को पेट के साथ सांस का इंफेक्शन बढ़ रहा है। पेट में अचानक दर्द उठना और सांस घुटना आम बात हो गई है। घर में एक बच्चे के संक्रमित होने से उसके संपर्क में आने वाला बच्चा संक्रमित हो सकता है। आजकल अस्पताल में आने वाले 70 फीसद मरीजों को वायरल, जुकाम, पेट संबंधी बीमारी जैसे, लूज मोशन, उल्टी, दस्त शरीर में पानी की कमी जैसी बीमारियां हैं। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए यह जरूरी है कि बच्चों को बासी खाना और बाजार के फूड से दूर रखें। ड्राईफ्रूट में किशमिश और चिरौंजी दें। हरी सब्जियां खिलाएं। शरीर में पानी की मात्र बरकरार रखने के लिए बच्चों को तरल पदार्थ दें। मौसम का मिजाज, सेहत कर रहा खराब

मौसम में समयानुसार बदलाव न होने के कारण हर आयु वर्ग के लोग परेशान हैं। अगस्त के अंत और सितंबर के प्रारंभ में रुक-रुक कर हुई बारिश बीमारियों का कारण बन रही है। बारिश के बाद अचानक गर्मी होने से लोगों को उल्टी, दस्त, वायरल, टायफायड जैसी बीमारियां घेर रही हैं। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में इन बीमरियों से ग्रसित सैकड़ों मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।

Posted By: Jagran