कमल कोहली, अमृतसर

कड़ाके की ठंड के साथ ही बाजार में मूंगफली, गच्चक, रेवड़ियां की बिक्री में तेजी आ जाती है। वहीं अब हलवाइयों की दुकानों में सर्दियों के दिनों में बिकने वाली खजूर, पूगा, दाल की पिन्नी, गजरेला, अलसी की पिन्नी भी बननी शुरू हो गई है। लोहड़ी के दिनों में सबसे ज्यादा बिकने वाली सीजन वाली मिठाई खजूर अब हलवाइयों द्वारा बनानी शुरू कर दी है। यह खजूर देसी घी की 280 से 300 रूपये तथा नामवर दुकानों में 400 रुपये तक बिक रही है। वहीं, डालडा घी के साथ बनी खजूर 100 से 150 रुपये तक बिक रही है। इसी तरह देसी घी दाल की पिन्नी 290 रुपये, गजरेला 240 रुपये, पूगा 260 रुपये तथा अलसी की पिन्नी 280 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं, बड़ी नामवर दुकानों में इस सम्मान के दाम काफी ज्यादा है। हलवाइयों का मानना है कि यह मिठाईयां अधिकतर ज्यादा सर्दी पड़ने पर बिकता है। यह सीजन वाली आइटम्स में प्रयोग होने वाला सामान लगातार महंगा होता जा रहा है, पर दाम पिछले वर्षो वाले ही रखने पड़ते है। कमाई काफी कम है। गुरु नानक नगर श्री कृष्णा मधुर मिष्ठान भंडार के प्रबंधक बिल्ला ने कहा कि सर्दियों में यह सामान खूब बिकता है। आने वाले लोहड़ी के पर्व पर इस सामान की बिक्री ज्यादा होगी।

मूंगफली व गच्चक की हो रही बिक्री

सर्दियों के साथ मूंगफली, गच्चक, रेवड़िया की खूब बिक्री होती है। बाजार में इस बार मूंगफली 100 से 120 रुपये प्रति किलो, गच्चक ड्राइफ्रूट, गच्चक मूंगफली वाली, तिल वाली, आदि 150 से लेकर 300 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इसी तरह रेवड़िया भी 120 से 150 रुपये तक बिक रही है। दुकानदार विजय कुमार ने कहा कि यह सामान सर्दियों में वर्षा होने पर ज्यादा बिकता है पर इस बार बारिश नामात्र ही हुई है। जिस कारण अभी ब्रिकी में तेजी नहीं आई है।

ड्राइफ्रूट की बिक्री में हो रही कमी

सुरेश करियाणा स्टोर के मालिक सुरेश कुमार ने बताया कि बादाम, अखरोट, काजू व अन्य ड्राइफूट की बिक्री सर्दियों में ज्यादा होती है। लोगों की परचे¨जग पावर में आई कमी कारण ड्राइफ्रूट की बिक्री पिछली वर्षो की उपेक्षा काफी कम हो रही है। ड्राइफ्रूट की आइटम्स में 500 से लेकर एक हजार रुपये तक के अंदर प्रति किलो होना आम व्यक्तियों के खरीदने की पहुंच से बाहर है। बाजार में अब कम मात्रा की पै¨कग वाले ड्राइफ्रूट का सामान आने लग पड़ा है। सर्दियों में ज्यादा बिकने वाले सामान पर लोगों की आर्थिक दशा कमजोर होने की नजर लग गई है।

Posted By: Jagran

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