यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आपरेशन ब्लूस्टार की बरसी को लेकर पंजाब में सुरक्षा कड़ी
आपरेशन ब्लूस्टार की बरसी पर कुछ सिख संगठनों द्वारा हंगामे की आशंका को लेकर पंजाब में सुरक्षा कड़ी कर दी ...और पढ़ें

जेएनएन, अमृतसर। सिख संगठनों की तरफ से मनाई जा रही आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी (घल्लूघारा दिवस) को लेकर राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अमृतसर में 5500 मुलाजिमों की तैनाती की गई है। पटियाला में भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
अमृतसर में गत दिवस अद्र्धसैनिक बल व पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी सुरेश अरोड़ा भी शुक्रवार को महानगर में थे। उन्होंने श्री दुग्र्याणा मंदिर और श्री दरबार साहिब में माथा भी टेका। उन्होंने आदेश दिया कि गड़बड़ी फैलाने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए।
पुलिस के मुताबिक अद्र्ध सैनिक बलों की 7 कंपनियां (सात सौ जवान) और पीएपी की तीन (तीन सौ जवान) बटालियन शहर में पहुंच चुकी हैं। उनके साथ साढ़े चार हजार से ज्यादा महानगर की पुलिस फोर्स को भी शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात किया जा चुका है। खासकार श्री दरबार साहिब, जलियांवाला बाग, हाल बाजार के आसपास दो हजार से ज्यादा फोर्स लगाई गई है। कुछ स्थानों पर कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
ज्ञानी गुरबचन सिंह को नहीं पढ़ने देंगे संदेश : शिअद (अ)
उधर, शिरोमणि अकाली दल अमृतसर 6 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान हरिमंदिर साहिब पर हुए सैन्य हमले में शहीद हुए युवाओं को श्रद्धांजलि कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित करेगा। इसके लिए पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं पार्टी के महासचिव जरनैल सिंह सखीरा ने कहा कि ब्लू स्टार की बरसी पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को किसी भी कीमत पर श्री अकाल तख्त साहिब से कौम के नाम संदेश नहीं पढऩे दिया जाएगा।
दल खालसा ने भी एसजीपीसी के अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर से अपील की है कि इस बार श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब से संदेश न देने दिया जाया क्योंकि ज्ञानी गुरबचन सिंह अपने पद की गरिमा सिख कौम में कम कर चुके हैं।
