जागरण टीम, छेहरटा

स्थानीय गुरु नानक पुरा स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में श्री गुरुड़ पुराण का पाठ करवाने का श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी ने कड़ा विरोध जताया।

इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष समेत कमेटी के सदस्यों से माफीनामा लिखवाया गया कि भविष्य में गुरुद्वारा साहिब मे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेशों के अनुसार मर्यादा के खिलाफ किसी अन्य धर्म के धार्मिक कार्यक्रम को आयोजित नहीं किया जाएगा।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के नेता बलबीर सिंह मुच्छल के नेतृत्व में कमेटी के सदस्य भूपिदर सिंह , जसकरण सिंह पंडोरी गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे और गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष से पाठ करवाने पर लिखित माफी मंगवाई तथा भविष्य में मर्यादा का पालन करने का भरोसा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोट खलासा के प्रभारी संजीव शर्मा, व अनिल कुमार भी पहुंच गए और विवाद को हल करवाया।

मुच्छल ने बताया कि उनके साथी भूपिदर सिंह को सूचना मिली थी कि गुरुद्वारा साहिब में सिख रहित मर्यादा के खिलाफ पाठ करवाया जा रहा है। जब हम यहां पहुंचे तो गुरुद्वारा साहिब के निचले हाल में पाठ चल रहा था। यह पाठ क्षेत्र निवासी तिलक राज के परिवार की ओर से करवाया जा रहा था। इस दौरान किसी भी तरह सिख रहित मर्यादा का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। यहां तक कि लंगर की भी व्यवस्था मर्यादा अनुसार नहीं थी। यह भी पता चला कि कई वर्षों से इस तरह के कार्यक्रम गुरुद्वारा में आयोजित किए जा रहे हैं।

मुच्छल ने बताया कि मौके पर पुलिस प्रशासन को भी बुलाया गया और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह, ग्रंथी महिदर सिंह , सचिव बलबीर सिंह, सदस्यों गुरमीत सिंह और मनिदर सिंह से माफी मंगवाई गई। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों ने इस तरह की गलती की तो उनके खिलाफ कानूनी व धार्मिक कारवाई भी करवाई जाएगी। वहीं, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं थी, भविष्य में मर्यादा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

Posted By: Jagran

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