जागरण संवाददाता, अमृतसर : चीफ खालसा दीवान ने अमेरिका के राज्य कलैकटीकट में निशान साहिब को मान्यता देने की सराहना की है। दीवान के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने कहा कि सिख जरनैल बघेल सिंह ने 11 मार्च 1783 को दिल्ली के लाल किले पर खालसा निशान साहिब फहराया था। विदेशों में निशान साहिब को वहां के राष्ट्रीय झंडे के साथ फहराने की मान्यता दी जा रही है जो गुरु साहिब के सांझीवालता का संदेश है। उन्होंने कहा कि 11 मार्च के दिन को निशान साहिब दिवस के रूप में मान्यता दिलवाना अमेरिका के सिख भाईचारे की बड़ी जीत है। करतापुर साहिब लांघा खोले सरकार: ज्ञानी हरप्रीत सिंह श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि भारत सरकार को सिख श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने के लिए करतारपुर लांघा खोलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष 16 फरवरी 2020 को सरकार ने कोरोना महामारी के चलते करतारपुर साहिब का रास्ता बंद कर दिया था। पाकिस्तान सरकार की ओर से चाहे यह रास्ता खोल दिया गया, परंतु भारत सरकार की ओर से अभी तक यह रास्ता नही खोला गया है। जब सारे देश और विदेशों में सभी धर्मों के धार्मिक स्थान श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं तो फिर करतारपुर जाने का रास्ता अभी तक बंद क्यों रखा गया है। श्रद्धालुओं की संख्या अगर कम भी है तो भी यह रास्ता खुलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश विभाजन के बाद पहली लांघा खुालने से संगत को उम्मीद जगी थी कि गुरु घर के दर्शन की आस पूरी होगी, लेकिन करतारपुर लांघा ही बंद कर दिया गया।

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