जागरण संवाददाता, अमृतसर : जलियांवाला बाग मेमोरियल सिविल अस्पताल में पिछले आठ माह से बंद अल्ट्रासाउंड मशीन ऑन हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्सिंग कर निजी रेडियोलॉजिस्ट को यहां तैनात किया है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शिवा ने मरीजों का अल्ट्रासाउंड का क्रम शुरू कर दिया है। दैनिक जागरण ने सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के बाबत प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था की गई है।

दरअसल, सिविल अस्पताल में अजनाला सिविल अस्पताल से डेपुटेशन पर डॉ. सुमन भगत को अल्ट्रासाउंड के लिए लगाया गया था। छह माह पूर्व डॉ. सुमन को सरकारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। इसके बाद से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद थी। इससे सिविल अस्पताल में मरीजों खासकर गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सिविल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाता है, जबकि निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में इसकी एवज में 700 रुपये तक लिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर डॉ. शिवा को सिविल अस्पताल में लगाया है। डॉ. शिवा को एक अल्ट्रासाउंड करने पर 200 रुपये दिए जाएंगे।

वास्तविक स्थिति यह है कि पंजाब के सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट का भारी अभाव है। रेडियोलॉजिस्ट निजी अस्पतालों में जाने को पहल देते हैं, क्योंकि वहां उन्हें मोटा वेतन मिलता है और विभागीय काम के झंझट से भी मुक्त रहते हैं। सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासउंड के साथ-साथ रेडियोलॉजिस्ट को कई विभागीय काम करने पड़ते हैं। वेतन में भी भारी अंतर है। यही वजह है कि वे सरकारी अस्पताल को पहल नहीं दे रहे।

प्रतिदिन होते हैं 40-50 अल्ट्रासाउंड : एसएमओ

सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. अरुण शर्मा के अनुसार रेडियोलॉजिस्ट के बगैर काफी परेशानी हो रही थी। हम गर्भवती महिलाओं एवं अन्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं कर पा रहे थे। यहां प्रतिदिन 40 से 45 अल्ट्रासाउंड होते हैं। अब समस्या का हल निकल आया है।

Posted By: Jagran

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