-राज्य में वर्षो पुरानी स्पो‌र्ट्स पॉलिसी ने पंजाब को पहले स्थान से पहुंचाया आठवें पर

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हरदीप रंधावा, अमृतसर: पिछले कुछ वर्षो से नेशनल-इंटरनेशनल गेम्स में मेडल जीतने वाले पंजाब के खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से बनता मान-सम्मान न मिलने की वजह से उनमें निराशा का आलम है। खेलों में गोल्ड, सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल विजेता खिलाड़ियों ने दूसरे राज्यों की तरफ से खेलना शुरू कर दिया है। वर्तमान समय में भी कई खिलाड़ियों ने सरकार की खेल पॉलिसी से नाखुश होकर पड़ोसी राज्य हरियाणा की तरफ से खेलने की घोषणा कर दी है। एशियन गेम्स-2018 में सिल्वर मेडल विजेता अजनाला की हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर भी पंजाब सरकार से हरियाणा की तर्ज पर योग्य नौकरी व कैश अवॉर्ड न मिलने की सूरत में हरियाणा की तरफ से खेलने की चेतावनी दे चुकी हैं। दैनिक जागरण ने भी सरकार से नाराज खिलाड़ियों का राज्य से पलायन करने की तैयारी की वजह संबंधी राज्य के पूर्व ओलंपियन खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी राय जाननी चाही, तो उन्होंने भी कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत व उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए फौरी तौर पर देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर नई खेल पॉलिसी लागू करनी चाहिए, ताकि राज्य के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके। वर्षो पुरानी स्पो‌र्ट्स पॉलिसी के चलते राज्य पहले नंबर से आज 8वें नंबर पर पहुंच गया है, जो सरकार की नजरअंदाजी से भविष्य में और भी लुढ़क सकता है।

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सरकार को गहरी नींद से चाहिए जागना

ओलंपियन ब्रिगेडियर हरचरन ¨सह

आर्मी में यदि कोई जवान गलती करता है या बहादुरी का काम करता है, तो उसे तुरंत उसका परिणाम मिल जाता है। गलती करने वाले जवान को उसकी गलती की सजा मिल जाए, तो उसकी तरफ देखकर कोई दूसरा जवान गलती करने से डरता है और यदि किसी जवान ने बहादुरी का काम किया है और उसे उसका बनता सम्मान मिल जाए, तो दूसरे जवान भी भविष्य में उसकी तरह काम करने के लिए प्रेरित होते हैं। मगर दुख की बात है कि पिछले लंबे समय में राज्य सरकार सोई हुई है, जिसने नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर मेडल विजेता खिलाड़ियों को बनता मान-सम्मान नहीं दिया है। इसके चलते पंजाब के खिलाड़ी देश के दूसरे राज्यों की तरफ से खेलने का विचार कर रहे हैं, ताकि सालों से की गई मेहनत का फल हासिल किया जा सके।

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खिलाड़ियों को भाती है हरियाणा की पॉलिसी

ओलंपियन जुगराज ¨सह

पंजाब पुलिस में नौकरी कर रहा हूं। पंजाब में सबसे अधिक जॉब पॉलिसी है, जिसमें पंजाब पुलिस अव्वल है, जो खिलाड़ियों को जॉब आफर करती है। वर्तमान समय में तो पंजाब पुलिस ने रैंक स्तर पर जॉब देना शुरु कर दिया है। हरियाणा की स्पो‌र्ट्स पॉलिसी खिलाड़ियों को आकर्षित करती है, जिसके चलते खिलाड़ी हरियाणा की तरफ जा रहे हैं। सरकार बनने के बाद राज्य के कोई खेल मंत्री नहीं था, जिसके चलते कोई खेल मंत्री ने ही स्पो‌र्ट्स पॉलिसी बनानी होती हैं, जोकि अब स्पो‌र्ट्स मंत्री बन गए हैं और स्वभाविक है कि खेल मंत्री खिलाड़ियों के लिए नई पॉलिसी बनाएंगे, जिसका राज्य के खिलाड़ियों को लाभ मिलने से खिलाड़ी राज्य की तरफ से ही खेलेंगे। एशियन गेम्स-2018 में विजेताओं को पंजाब सरकार की ओर से खिलाड़ियों की मेहनत को देखते हुए उनका सम्मान करना चाहिए।

Posted By: Jagran