जागरण संवाददता, अमृतसर

चौथे दिन खुले बिजली घरों में बिल भरने वाले विभागीय उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही, भीड़ में शामिल खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सिटी सर्किल के कैश काउंटरों की हालात तो बद से भी बदतर हैं, जहां उपभोक्ताओं के लिए न पीने का पानी और न ही पंखे की हवा मिली, वहीं दूसरी तरफ लोगों लिए बैठने की कोई उपयुक्त जगह भी नहीं है। बिजली घरों के कैश काउंटरों पर लगी लंबी-लंबी लाईनों की वजह से कई-कई घंटे खड़े रहना पड़ा। बिजली घर में बिलों की किश्तें व बिलों में सुधार करवाने वाले उपभोक्ताओं को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि न तो दफ्तर में कमर्शियल एसडीओ बैठे थे और न ही रेवेन्यू अकाउंटेंट (आरए) मौजूद थे।

भीड़ के हिसाब से नहीं खोले गए कैश काउंटर

साउथ सब-डिवीजन में बिजली का बिल भरने आए अनिल शर्मा, मनजीत ¨सह, नंद किशोर, सोमराज शर्मा, सोहन लाल, राजवंत सिहं, गुरमेल ¨सह, राज सिहं, गुरजीत कौर, गु¨रदर सिहं और सुकेश कुमार वर्मा का कहना है कि हर रोज लाखों रुपए बिजली बिल में इकटठा करने वाला बिजली विभाग पीएसपीसीएल विभागीय उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने में फिसड्डी साबित हो रहा है। तीन छुट्टियों के बाद बिजली घर खुलने संबंधी जानकारी होने के बावजूद पावरकॉम अधिकारियों ने कैश काउंटरों की संख्या नहीं बढ़ाई, भले ही बिजली घरों में कैश काउंटरों संख्या अधिक होती है, बावजूद इसके कैश काउंटर कम ही खोले जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि कैश काउंटरों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए काउंटरों का भी कोई अलग इंतजाम नहीं है।

कोई परेशानी आती है तो उच्चाधिकारियों से करें संपर्क

विभागीय उपभोक्ताओं को मंगलवार बिजली के बिल भरने के समय कैश काउंटरों पर जो समस्या दरपेश आई है, उसके लिए खेद है। भविष्य में यदि किसी उपभोक्ता को किसी भी बिजली घर में बिल भरने या अन्य किसी काम के लिए दिक्कत आती है, तो विभागीय उच्चाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। विभागीय डिफा¨ल्टग अमाउंट को रिकवर करने के लिए भी सिटी सर्किल के सुपरीटेंडेंट इंजीनियर (एसई) बाल किशन व उनके एक्सईएनों के साथ बैठक की है।

इंजी. संदीप कुमार सूद,

चीफ इंजीनियर बार्डर जोन, पावरकॉम।

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