जागरण संवाददाता, अमृतसर: काउंसिल आफ जूनियर इंजीनियर ने सोमवार को पावरकाम मैनेजमेंट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 27 अक्टूबर से 11 नवंबर तक संघर्ष का बिगुल बजाया है। इसमें स्टोरों का बायकाट करने के साथ-साथ मीटर इक्वीपमेंट (एमई) लैब का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही साथ बिजली कनेक्शनों की चेकिग व वेरिफिकेशन पर रोक लगाई जाएगी।

बार्डर जोन से काउंसिल के प्रधान इंजीनियर इकबाल सिंह व जोनल उप प्रधान इंजी. निदरपाल ने बताया कि स्टेट बाडी की सोमवार को पटियाला में विशेष बैठक हुई है। इसमें विभागीय जूनियर इंजीनियरों को आने वाली समस्याओं को हल करवाने के लिए रणनीति बनाई गई है। उन्होंने बताया कि पावरकाम के जूनियर इंजीनियरों (जेई) को 19770 बेसिक वेतन मिलना चाहिए। विभागीय जेई को प्रति महीने 30 लीटर पेट्रोल के बराबर राशि मिलनी चाहिए, जोकि नए वेतन आयोग में बंद हो गई है। जेई से उप सहायक इंजीनियर और सहायक इंजीनियर की होने वाली पदौन्नति पर रोक लगी हुई है, जोकि तुरंत बहाल होनी चाहिए। जेई की फील्ड में रेगुलर लाइन स्टाफ मिलना चाहिए और जेई की फील्ड की मुश्किलों के निपटारे के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनी थी, जिसकी रिपोर्ट को फाइनल करवाकर लागू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 27 अक्तूबर को सभी सर्किल हेडक्वार्टरों के समक्ष रोष प्रदर्शन करके संघर्ष का आगाज किया जाएगा। इस मौके पर बार्डर जोन के सचिव विमल कुमार, सब अर्बन सर्किल के प्रधान प्रभजोत सिंह, सर्किल सचिव कुलदीप सिंह, सर्किल के उप प्रधान कुलदीप सिंह आदि मौजूद थे।

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