जागरण संवाददाता, अमृतसर : कोरोना महामारी का प्रकोप खत्म होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। लोग अपने दूर-दराज बैठे रिश्तेदारों से मिलने व घूमने का प्रोग्राम बनाने लगे है। कोरोना के कारण पिछले डेढ़ साल से दूसरे राज्यों में बैठे रिश्तेदारों से लोग मिल नहीं पाए हैं। लोग पिछले लंबे समय से ट्रेने चलने के इंतजार में थे। अब जैसे ही ट्रेनें चलनी लगी है तो उनमें रिजर्वेशन करवाना शुरू कर दिया गया है। दिल्ली, मुंबई, हावड़ा, कोलकाता के अलावा अन्य रूटों पर वेटिग 100 से ऊपर चल रही है। यूपी-बिहार की तरफ जाने वाली कुछ ट्रेने तो पैक हो चुकी है, जिनमें वेटिग टिकट भी नहीं मिल पा रहा है। लोगों का सड़क मार्ग की बजाय रेल मार्ग उनकी पहली पसंद होती है।

जनरल टिकट के लिए भी रिजर्वेशन, इसलिए भीड़ ज्यादा

रेलवे की तरफ से कोरोना के कारण ट्रेनों में जनरल टिकट के लिए भी रिजर्वेशन करवाना पड़ रहा है। इसलिए ट्रेनों में जहां वेटिग ज्यादा हो रही है, वहीं रिजर्वेशन विडों पर भी रश काफी बढ़ गया है। लोगों की मांग है कि जनरल टिकट की रिजर्वेशन अब बंद कर देनी चाहिए और जनरल टिकट काउंटर से देनी चाहिए। जालंधर, लुधियाना, अंबाला तक भी अगर जाना पड़ता है तो उन्हें रिजर्वेशन करवाना पड़ता है, जिसमें काफी परेशान होना पड़ता है। टिकट कंफर्म होने के बाद ही उन्हें सफर करने की इजाजत दी जाती है। यह ट्रेनें हुई फुल ..

अमृतसर से जयनगर तक चलने वाली ट्रेन (04650) पूरी तरह से पैक हो चुकी है। इस ट्रेन में एक महीने तक कोई टिकट नहीं मिल रही है। दरभंगा की तरफ जाने वाली जननायक एक्सप्रेस (05212) एक सप्ताह तक पैक हो चुकी है। सप्ताह में दो दिन चलने वाली टाटा जलियांवाला बाग एक्सप्रेस (08104) ट्रेन दो महीने तक पैक हो चुकी है। पश्चिमी बंगाल को जाने वाली हावड़ा मेल (03006) ट्रेन करीब दो महीने तक पैक हो चुकी है। अकाल तख्त एक्सप्रेस (02318) भी ट्रेन पैक हो चुकी है। इन ट्रेनों में वेटिग टिकट भी नहीं मिल पा रहा है। इनके अलावा कोआ एक्सप्रेस (02358), कोलकाता जाने वाली जलियांवाला बाग (02380) ट्रेन फुल हो चुकी है।

Edited By: Jagran