संवाद सहयोगी, अमृतसर : पूर्व मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने पंजाब में डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप की चिता सीएम व सेहत मंत्री को नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कहर के साथ ही अब पंजाब में डेंगू के रोगी बढ़ते जा रहे हैं। अमृतसर जिले में पूरे प्रदेश से ज्यादा डेंगू के मरीज हैं और अमृतसर की कोई चिता पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को नहीं है। क्या पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री यह जानते हैं कि अमृतसर में महीनों से एफ्रेसिस मशीन बंद पड़ी है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि स्वास्थ्य मंत्री इस मशीन के महत्व के बारे में जानते होंगे। क्या मंत्री यह जानते हैं कि सिविल अस्पताल में जहां लगभग एक हजार मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते हैं और डेंगू के दो दर्जन से ज्यादा रोगी अस्पताल में दाखिल हो चुके हैं वहां केवल एक डाक्टर मेडिसिन विशेषज्ञ है। उसे भी जब कोई वीआइपी जिले में आ जाता है तो उसके स्वास्थ्य की चिता करने के लिए भेज दिया जाता है। अफसोस की बात है कि सैकड़ों रोगियों को अस्पताल में छोड़कर केवल एक व्यक्ति के लिए डाक्टर अस्पताल से ले लिया जाता है। क्या आम आदमी की जिदगी की कोई कीमत नहीं?

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री यह ध्यान करें कि आम आदमी की जिदगी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी किसी नेता या गवर्नर की। पंजाब के मुख्यमंत्री से भी यह अपील है कि डेंगू रोगियों के लिए विशेष प्रबंध करें। जितने रोगी सरकारी अस्पताल में हैं उससे कहीं ज्यादा प्राइवेट नर्सिंग होम में मोटी रकम खर्च कर इलाज ले रहे हैं।

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