जागरण संवाददाता, अमृतसर: अंतर्कलह के कारण जहां पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है वहीं अब पार्टी नेताओं का जमीनी स्तर पर भी विरोध होने लग गया है। ताजा मामला पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके नवजोत सिंह सिद्धू के विधानसभा क्षेत्र अमृतसर पूर्वी का है जहां सिद्धू की पत्नी डा. नवजोत कौर सिद्धू को मंगलवार को विकास कार्यो की शुरुआत करने के लिए आना था लेकिन उनके यहां पहुंचने से पहले ही मोहकमपुरा गुरु नानक गली नंबर एक की महिलाओं ने इकट्ठे होकर उनका विरोध करना शुरू कर दिया।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार साल से उनका इलाका विकास को तरसता रहा है लेकिन सिद्धू दंपती ने इस समय के दौरान अपना चेहरा तक नहीं दिखाया। यह नेता चुनाव जीतने के बाद से कहां थे? उनके इलाके में न केवल सीवरेज व्यवस्था का बुरा हाल है बल्कि सड़कें भी नहीं बनीं हैं।

विरोध कर रहीं महिलाओं की कांग्रेस पार्षद जसविदर सिंह लाडो के साथ बहस भी हुई। पार्षद ने महिलाओं और लोगों को वहां से जाने के लिए कहा लेकिन वह वहीं अड़े रहे। कुछ समय बाद डा. नवजोत कौर वहां पहुंची तो लोगों ने नाराजगी जताते हुए उन्हें मांगपत्र भी सौंपा। काबिलेगौर है कि कुछ दिन पहले जिला पठानकोट के भोआ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक जोगिंदरपाल की ओर से एक धार्मिक स्थान पर जनसभा में सरकार की उपलब्धियां गिनवाते समय एक किशोर ने सवाल कर दिया था कि तूं की कीत्ता (तूने क्या किया), वहीं जिला फाजिल्का के बल्लुआणा विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस विधायक नत्थू राम का विरोध हो चुका है। काम करवाने का आश्वासन दिया, लोग बोले- भरोसा नहीं है

महिलाओं से मांगपत्र लेने के बाद डा. नवजोत कौर ने हर गली का काम पूरा होने और बीच में नहीं छोड़ने का आश्वासन दिया। प्रीत नगर में नवजोत कौर ने करीब 1.75 करोड़ रुपये के विकास कार्यो के निर्माण की शुरुआत करवाई। परंतु उनके वहां से चले जाने के बाद लोगों ने कहा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं है कि कोई काम हो पाएगा। गौरी शंकर, किरण, अंजली, कमला ने कहा कि केवल बातें ही हो रही हैं। चुनाव में दो महीने रह गए हैं इसलिए आश्वासन दिया जा रहा है। मुद्दों को गंभीरता से लेते तो कैप्टन को बदलने की जरूरत नहीं पड़ती

इस दौरान डा. नवजोत कौर सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह पर एक बार फिर हमला किया। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल तक कैप्टन को पंजाब की याद नहीं आई। वह अपने महल में बैठे रहे और किसी मंत्री, विधायक और यहां तक कि लोगों से भी नहीं मिले। अगर पंजाब के मुद्दों को गंभीरता से लेते तो कभी भी मुख्यमंत्री को बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पूरी तरह पंजाब के मुद्दों को समर्पित हैं।

Edited By: Jagran