जागरण संवाददाता, अमृतसर: नगर निगम के भंडारी पुल पर बनी हुई पंडित दीनदयाल उपाध्याय मल्टी स्टोरी पार्किंग में आज अवैध पार्किंग का भंडाफोड़ हुआ। मेयर कर्मजीत ¨सह ¨रटू और डिप्टी मेयर यूनस कुमार ने इसका खुलासा करते हुए वहां चल रही अवैध पार्किंग और उससे हो रही वसूली को पकड़ा। देर शाम को औचक निरीक्षण करने पहुंचे दोनों नेताओं को एंट्री गेट पर तो लिखा मिला कि पार्किंग बंद है, पर अंदर चार से पांच चौपहिया व दो पहिया वाहन खड़ा देख दोनों दंग रह गए।

मेयर, डिप्टी मेयर सहित निगम अधिकारियों को एकाएक पार्किंग में छापा मारा तो वहां हड़कंप मच गया। ठेकेदार का क¨रदा उनसे बहस करने लगा तो उनके गनमैन ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। मेयर ने जब पार्किंग की बाबत सवाल जवाब किए तो वह उसका जवाब नहीं दे सका। उल्टा मौके पर मौजूद पार्किंग करने वालों ने बताया कि वह तो यहां रेगुलर मासिक पास के आधार पर पैसे दे रहे है। बताते चले कि मल्टी स्टोरी पार्किंग का ठेका मार्च में खत्म हो चुका है और अधिकारियों ने भी मेयर-कमिश्नर को बता रखा है कि वहां कोई पार्किंग नहीं हो रही। पार्किंग की बोली करवाने के भी निर्देश दिए हुए है। लेकिन लैंड विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से अप्रैल से लेकर अब तक वहां अवैध पार्किंग और उससे वसूली का खेल चल रहा था। मई, जून, जुलाई तक तो पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों से आठ से लेकर दस हजार रुपये प्रति महीनों के हिसाब से वसूली की गई, जबकि अगस्त व सितंबर से प्रतिदिन के हिसाब से लोगों से वाहनों की पार्किंग के पैसे लिए जा रहे थे। मेयर ने खुद माना कि अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से निगम को इस अवैध पार्किंग से चूना लग रहा था ओर इसके दोषियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज पार्किंग को सील कर दिया गया। मार्च के बाद इस तरफ ध्यान न दिए जाने पर उन्होंने एस्टेट अधिकारी को भी लताड़ लगाई।

ई-रिक्शा की चार्जिग का बना था अड्डा

मेयर ¨रटू और डिप्टी मेयर यूनस ने जब पार्किंग के अंदर खंगालना शुरू किया तो उन्होंने देखा कि वह ई रिक्शा का अड्डा ही नहीं बना हुआ है, बल्कि पार्किंग के मीटर से ही रोजना डेढ़ से दो सौ ई—रिक्शा चार्ज करते हुए वह खर्चा भी निगम पर डाला जा रहा है। पार्किंग में आटो डीलरों द्वारा भी महीने के पास बनाकर गाड़ियां खड़ी की हुई थी। इस सारी कवायद में निगम अधिकारियों की मिलीभगत को मेयर ने खंगालने के निर्देश दे दिए है।

कानूनी व विभागीय कार्रवाई होगी

अवैध पार्किंग निगम अधिकारियों की कारगुजारी पर सवालिया निशान है। हम काफी समय से इनकी कार्यशैली देख रहे थे। शहर में बहुत अवैध पार्किंग चल रही है और 12 पार्किंगों की सूची तो हमने इन्हें दी है। इसकी वजह से पार्किंग की बोली करवाने में देरी हो रही थी। हमें जानकारी दी गई थी कि यह बंद है। मौके पर चार—पांच सौ से ज्यादा गाड़ियां—दो पहिया वाहन मौके पर खड़ी है। दोषियों पर कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी मेयर यूनस कुमार ने कहा कि दोषियों का बख्शा नहीं जाएगा और अवैध रूप से चल रही अन्य पार्किंगों को भी बंद करवाया जाएगा।

इंस्पेक्टर-क्लर्क देते रहे बंद की रिपोर्ट : सुपरिटेंडेंट

मल्टी स्टोरी पार्किंग में अवैध पार्किंग न चले, इसे लेकर कार्रवाई होती रही है। सियासी शह पर कुछ लोग इस पर कब्जा करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया। 1 सितंबर को पार्किंग की टेक्नीकल बिड खोल दी गई है और अभी फाइनेंशियल बिड खुलनी बाकी है। इंस्पेक्टर और क्लर्क इसके बंद होने की रिपोर्ट देते रहे है और चेक करते रहे है कि कोई यहां पार्किंग की पर्ची तो नहीं काट रहा। लैंड विभाग की टीम पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। अगर किसी का कोई दोष होगा तो वह उसके लिए जिम्मेदार होगा।

जस¨वदर ¨सह, सुपरिटेंडेंट लैंड विभाग

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