जेएनएन, अमृतसर। रेलवे प्रशासन ने जालंधर से ब्यास व अमृतसर सफर करने वाले 450 यात्रियों को अमृतसर रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में तीन घंटे तक जबरन बैठाकर रखा। ये सभी यात्री डुप्लीकेट हावड़ा व टाटा मूरी ट्रेन में सफर कर रहे थे। रेलवे ने इन पर आरोप लगाया कि मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) वाले व अन्य यात्री साधारण टिकट पर स्लिपर श्रेणी में सफर कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ यात्रियों का कहना है कि जनरल डिब्बों में जगह नहीं होने के कारण वे स्लिपर में सवार हो गए थे।

करतारपुर के पास टीटीई, जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने उन्हें घेर लिया और जुर्माना करने की बात कहने लगीं। वे जुर्माना भरने को भी तैयार थे। बावजूद इसके रेलवे प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी और जबरन अमृतसर रेलवे स्टेशन पर ले आए। इनमें से कई यात्रियों ने ब्यास स्टेशन पर भी उतरना था। पीड़ित रेल यात्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि रेलवे की व्यवस्था को अपग्रेड किया जाए, ताकि टीटीई, जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी यात्रियों का शोषण ना कर सकें।

जालंधर के अर्जुन नगर निवासी राजेश कुमार, कबीर पार्क निवासी रोहित और संसारपुर निवासी विजय प्रसाद ने बताया कि रेल में भारी भीड़ होने के कारण वह स्लिपर में चढ़ गए। करतारपुर के पास दो दर्जन से ज्यादा टीटीई और पुलिस की टीम ने उन्हें घेर लिया और मजिस्ट्रेट चेकिंग का हवाला देकर जुर्माना करने की बात कही। वह जुर्माना मौके पर देने को तैयार थे। बावजूद उन्हें ब्यास रेलवे स्टेशन पर नहीं उतरने दिया गया। रेल में कोई मजिस्ट्रेट भी नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे के मुलाजिमों ने अवैध वसूली के बाद कुछ यात्रियों को छोड़ दिया।

महिला प्रतिक्षालय को करवाया खाली

यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेलवे की उक्त टीम के पास इतने सारे यात्रियों को एक जगह रखने की जगह नहीं थी। उसी कारण 50-60 यात्रियों को महिला प्रतीक्षालय खाली करवाकर वहां बंद कर दिया। हालांकि महिला प्रतीक्षालय में बच्चों को ब्रेस्ट फीड करवाने वाले सेक्शन को भी खाली करवाया गया।

क्या कहते हैं कानूनविद्

शर्मनाक घटनाक्रम : बार उपाध्यक्ष

बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दीपक पिपलानी ने घटनाक्रम को शर्मनाक बताया है। उन्होंने बताया कि राइट टू लिबर्टी के अधिकारी की अवहेलना हुई है। रेलवे में काम कर रहे एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है। अगर कोई यात्री मामले की पैरवी करे तो।

पावर का मिस यूज किया : रवि महाजन

अपराध मामलों के माहिर वकील रवि महाजन ने बताया कि सारे घटनाक्रम में टीटीई और अन्य पर एफआइआर (आइपीसी की धारा 166 और 166 ए) दर्ज हो सकती है। मामले में सरकारी अफसरों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। इसकी शिकायत कम से कम एसएसपी या पुलिस कमिश्नर को दी जा सकती है।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Kamlesh Bhatt

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!