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अमृतसर के मजीठा में बिक्रम मजीठिया के लगे गुमशुदा व भगोड़ा लिखे होर्डिंग, पुलिस मामले के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

Published: Wed, 03 Jun 2026 12:56 PM (IST)

अमृतसर के मजीठा में बिक्रम सिंह मजीठिया को 'गुमशुदा भगोड़ा' दर्शाते होर्डिंग लगने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। पुलिस ...और पढ़ें

मजीठा के गेट पर लगे बिक्रम मजीठिया के पोस्टर।

मजीठा के गेट पर लगे बिक्रम मजीठिया के पोस्टर।

HighLights

  1. मजीठा में बिक्रम मजीठिया के गुमशुदा होर्डिंग लगे।

  2. पुलिस ने होर्डिंग लगाने से इनकार किया है।

  3. मजीठिया की पत्नी ने वकीलों से संपर्क बताया।

जागरण संवाददाता, अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्मा गया है। गुमशुदगी संबंधी पोस्टरों के बाद अब मजीठा विधानसभा क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें मजीठिया को लेकर विवादित संदेश लिखे गए हैं।

इन होर्डिंगों के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का दौर शुरू हो गया है और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। होर्डिंगों में लिखा गया है कि "गुमशुदा भगोड़े की तलाश" की जा रही है। साथ ही दावा किया गया है कि मजीठा पुलिस थाने पर कथित हमले के मामले में गिरोह के मुख्य सरगना बिक्रम सिंह मजीठिया की पुलिस को तलाश है।

होर्डिंग में लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी को उनके संबंध में कोई जानकारी हो तो वह नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करे।

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मजीठा थाने में मामला हुआ दर्ज

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी मजीठा क्षेत्र में इसी तरह के गुमशुदगी संबंधी पोस्टर लगाए गए थे। अब बड़े आकार के होर्डिंग सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच भी इन होर्डिंगों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

उल्लेखनीय है कि अमृतसर देहाती पुलिस पहले ही बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके कुछ समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है। यह मामला मजीठा पुलिस थाने में हुए कथित घटनाक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस की ओर से उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात भी सामने आ चुकी है। इसके अलावा उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने की जानकारी भी सार्वजनिक हो चुकी है।

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पुलिस की तरफ से नहीं लगाए गए पोस्टर

हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में लगाए गए ये पोस्टर और होर्डिंग पुलिस विभाग की ओर से अधिकृत रूप से नहीं लगाए गए हैं। पुलिस ने इन होर्डिंगों से खुद को अलग बताते हुए स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विभाग की ओर से नहीं की गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए इन पोस्टरों और होर्डिंगों का असर स्थानीय राजनीतिक माहौल पर पड़ सकता है। एक ओर जहां समर्थक इसे राजनीतिक विरोध का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे जनता के बीच संदेश पहुंचाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

पोस्टर लगाने वाली की पहचान सार्वजनिक नहीं

फिलहाल, होर्डिंग लगाने वालों की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। लेकिन गुमशुदगी के पोस्टरों के बाद अब होर्डिंग सामने आने से यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ इसे लेकर बिक्रम मजीठिया गनीव कौर का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि बिक्रम मजीठिया वकीलों के संपर्क में हैं। 

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