तरनतारन, जागरण संवाददाता: हलका खेमकरण के गांव माछीके के कांग्रेसी सरपंच प्रताप सिंह पर पूर्व सरकार के समय जारी हुई करीब 1.60 करोड़ की ग्रांट में घपला के आरोप में जांच शुरू की गई है। गांव के लोगों ने ग्रामीण विकास मंत्री कुलदीप सिंह धारीवाल को शिकायत दी गई थी।

इसके बाद पंचायती विभाग के एसडीओ कुलवंत सिंह की अगुआई में पहुंची टीम ने गांव में विकास कार्यों की जांच की। गांव माछीके निवासी जुगराज सिंह ने ग्रामीणों के दस्तखत करवाकर कांग्रेसी सरपंच प्रताप सिंह के खिलाफ मंत्री कुलदीप सिंह धारीवाल को शिकायत भेजी और इसकी काफी खेमकरण के विधायक सरवन सिंह धुन्न को भी दी।

इसके बाद सरकार की तरफ से पंचायती राज विभाग के एक्सईएन से रिपोर्ट मांगी गई। एक्सईएन ने विभाग के एसडीओ कुलवंत सिंह, जेई रमिंदर सिंह के आधारित टीम गठित करते जांच आरंभ कर दी। शुक्रवार को गांव में हुए विकास कार्यों की जांच के लिए समय तय किया था और सरपंच को मौजूद रहने के लिए कहा था। इसके बावजूद सरपंच और पंचायत सचिव जांच टीम समक्ष पेश नहीं हुए।

जुगराज सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने 57.17 लाख ग्रांट दी थी। जबकि मनरेगा स्कीम के तहत 1 करोड़, 2 लाख, 78 हजार रुपये जारी हुए थे। कांग्रेसी सरपंच ने कथित तौर पर गांव से संबंधित अपने चेहतों के जाब कार्ड बनाए। इसके माध्यम से मनरेगा के पैसे हड़पे गए। एसडीओ कुलवंत सिंह ने बताया कि जानकारी देने के बावजूद जांच के दौरान सरपंच जानबूझकर गैरहाजिर रहे है। 20 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पंचायती राज विभाग के एक्सईएन को सौंप देंगे।

बेवजह आरोप लगाए जा रहे

सरपंच प्रताप सिंह ने कहा कि उनपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं मैंने ईमानदारी से गांव का विकास करवाया।

सरकार करवा रही जांच

विधायक सरवन सिंह धुन्न का कहना है कि पूर्व सरकार के समय पंचायतों को जारी ग्रांटों में घपले हुए है। इन मामलों की सरकार जांच करवा रही है। जो भी आरोपित पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

Edited By: DHARAMBIR SINGH MALHAR

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