विपिन कुमार राणा, अमृतसर

नगर निगम हाउस की आठ माह बाद होने जा रही बैठक के खासे हंगामाखेज रहने के आसार हैं। मेयर कर्मजीत सिंह रिटू ने विधानसभा हलका अनुसार पार्षदों से बैठकें कर उनका गुबार तो कम करने का प्रयास किया है, मगर मामला उलझता दिखाई दे रहा है। मेयर और निगम तंत्र विपक्ष से ज्यादा अपनों के टारगेट पर रहेगा। यही वजह रही कि बुधवार और वीरवार को कांग्रेसी पार्षदों अलग-अलग ग्रुपों में गुप्त बैठकें की और अपना-अपना एजेंडा तैयार किया।

आठ माह से सदन की बैठक न होने की वजह से पार्षद अफसरशाही को लेकर भरे बैठे हैं। समय-समय पर वह मेयर को इससे अवगत करवा चुके है, पर अफसरशाही की मनमानियों के आगे सत्ताधारी ही अपने-आप को बेबस समझ रहे हैं। यही वजह है कि सदन की बैठक में मुख्य टारगेट अफसरशाही ही रहेगी। अफसरशाही के अलावा निगम के रेवेन्यू को चूना लगाने वाले अवैध निर्माणों को भी जनप्रतिनिधि प्रमुखता से उठाएंगे। हाईकोर्ट के आदेशों पर जिस तरह से अधिकारियों ने कार्रवाई का ड्रामा किया और उसके बावजूद आज भी अवैध निर्माण चलने पर वह एमटीपी विभाग को जहां कटघरे में खड़ा करेंगे, वहीं निगम के आलाधिकारी भी निशाने पर रहेंगे कि उनका एमटीपी विभाग पर अंकुश क्यों नहीं है। शहर की साफ सफाई, सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे, बंद पड़ी हुई स्ट्रीट लाइट, आवारा कुत्ते, दुर्घटनाओं का सबब बन रहे बेसहारा पशु, फेल फायर सिस्टम भी जनप्रतिनिधियों के टारगेट पर रहेगा। पार्षदों ने इसे लेकर अपना पूरा होमवर्क किया हुआ है। 31 दिसंबर व इससे पहले हुई सदन की बैठकों में उठाए गए मामलों में अधिकारियों ने क्या किया, इस पर भी वह अफसरशाही को घेरने में कोई कसर नहीं रखेंगे। सीनियर पार्षदों पर रहेगी सबकी निगाह

हाउस की बैठक से पूर्व ही सीनियर डिप्टी मेयर रमन बख्शी, डिप्टी मेयर यूनस कुमार, पार्षद विकास सोनी, पार्षद महेश खन्ना निगम के सिस्टम को लेकर कई बार अपने तेवर दिखा चुके हैं। 85 के निगम सदन में ज्यादातर नए चेहरों के होने की वजह से सबकी निगाह सीनियर पार्षदों पर ही रहेगी कि वह क्या मुद्दे उठाते हैं और उन पर अधिकारी क्या जवाब देते हैं। विकास पर होगी खुली चर्चा : मेयर मेयर कर्मजीत सिंह रिटू ने कहा कि शहर के विकास के लिए वह प्रतिबद्ध है और हाउस की बैठक में शहर के विकास पर खुली चर्चा होगी। सबको अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा और सकारात्मक सुझावों को खुले दिल से स्वीकार किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों को हाउस की बैठक में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और अफसर भी उसका जवाब देने के लिए पाबंद है। सबका मूल एजेंडा विकास है और सभी उसको ही केंद्र बना बैठक में अपने विचार रखेंगे। अफसरों के भष्टाचार पर मेयर ने मूंदी हुई है आंखें

आठ महीनों के बाद होने वाली नगर निगम की हाऊस की मीटिग में विपक्षियों ने पूरी तरह से मेयर को घेरने की रणनीति तैयार कर ली हैं। विपक्षी दल के पार्षदों ने क्लियर कर दिया हैं कि निगम के अधिकारी लगातार भ्रष्टाचार कर रहे हैं और सब जानते हुए भी मेयर ने अपनी आंखे बंद कर रखी हैं। एक तरफ राग अलापा जा रहा हैं कि निगम के पास रेवेन्यू नही हैं। दूसरी तरफ नाजायज इमारतों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

वीरवार शाम को निगम में विपक्ष की नेता व पार्षद संध्या सिक्का की अगुवाई में सभी भाजपा—अकाली पार्षदों ने मीटिग की। सिक्का ने कहा कि पूरे शहर में नाजायज निर्माण हो रहे हैं। लारेंस रोड पर कई नाजायज इमारतें बन रही हैं। पहले अधिकारी खुद ही जाकर काम रुकवाते हैं और बाद में पैसे लेकर फिर से काम पूरा करवा देते हैं। जबकि मेयर केवल रेवेन्यू न होने की बात करते हैं। शहर में हर एक अस्पताल के बाहर निगम की पार्किंग हैं। वहां से भी आने वाले पैसों से भी अधिकारी अपने जेबें भर रहे हैं। शहर का इस समय बुरा हाल हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कोई काम नहीं हो रहा हैं। एक सीवरेज का ढक्कन तक नहीं बदला जा रहा। सड़के टूटी हैं और पैचवर्क तक नहीं हो रहे। टेंडर जारी होने के बाद भी वर्क आर्डर नहीं जारी किए जा रहे। जोकि पूरी तरह से मौजूदा सरकार की फेलियर हैं। जिला भाजपा प्रधान आनंद शर्मा और जिला अकाली दल के प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का ने भी नगर निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के जमकर आरोप लगाए और कहा कि रेहड़ियों से नाजायज वसूली चल रही हैं। जिसे बर्दाशत नहीं किया जा सकता हैं। इस मौके पर अनुज सिक्का, राम चावला, भूपिदर राही, किरणप्रीत मोनू, रणजीत सिंह, दविदर पहलवान, अरविद शर्मा व अन्य मौजूद थे।

मेयर से मांगा जाएगा पुराना हिसाब

भाजपा पार्षद अमन ऐरी ने कहा कि आठ महीने के बाद हाऊस की बैठक की जा रही हैं। जोकि अपने आम में ही बेहद दुख की बात हैं कि इतने समय से बैठक ही नहीं बुलाई गई। इस बैठक में पहले तो पुराना हिसाब मांगा जाएगा। जो प्रस्ताव पिछली मीटिग के दौरान दिए गए थे। उनका क्या किया गया हैं। पार्षद जरनैल सिंह ढोट ने कहा कि उन्हें हाऊस में अलग से बोलने का समय दिया जाना चाहिए। क्योंकि काग्रेस के एक-दो पार्षदों से ही जानबूझ कर शोर मचवा दिया जाता है और उसके बाद वॉक आउट करवा देते हैं। इससे कोई भी हाऊस में अपनी बात नहीं रख पाता और जनता के साथ धोखा किया जा रहा हैं।

Posted By: Jagran

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