जागरण संवाददाता, अमृतसर: एक आंकड़े के मुताबिक हर साल 23 मिलियन लड़कियां मासिक धर्म की शुरुआत में सुरक्षित मासिक उत्पाद न मिलने के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देती है। पूरे देश में केवल 36 प्रतिशत महिलाओं को ही सुरक्षित उत्पाद मिल पाते हैं जबकि शेष राख, भूसी, पुराने लत्ता, केले के छिलके आदि जैसे विभिन्न असुरक्षित तरीकों का उपयोग करती हैं। इस पीड़ा को देखते हुए अमृतसर की गर्ल अप मुस्कराहट संस्था की ओर से लड़कियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए प्रयास शुरू किया गया है। 28 मई को दुनिया में माहवारी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। ऐसे में इस संस्था की ओर से अमृतसर में 250 महिलाओं को सुरक्षित उत्पाद की किट बांटने का बीड़ा उठाया गया है। संस्था की फाउंडर मन्नन शर्मा, जोकि खुद अभी एमबीबीएस तीसरे साल की छात्रा है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था में 25 सदस्य है। सभी लगातार लड़कियों ओर महिलाओं के लिए काम करते रहते है। कोविड के दौरान भी उनकी संस्था ने 100 से ज्यादा पीपीई किट मुहैया करवाई। इसके साथ ही कोविड मरीजों तक डाक्टरी मदद मुहैया करवाने के लिए लगातार प्रयास जारी है। क्योंकि बहुत सारे मरीज जानकारी का अभाव होने के कारण डाक्टरी मदद लेने में वंचित रह जाते है। ऐसे में उनकी ओर से न केवल कोविड के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बल्कि उन्हें मदद भी मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सभी के चेहरे पर मुस्कराहट लाना है।

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