जागरण संवाददाता, अमृतसर

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव मनदीप सिह मन्ना ने कहा कि सारागढ़ी सराय में साफ- सफाई के दिए ठेके में एसजीपीसी के अधिकारी गुरु की गोलक की भारी आर्थिक लूट कर रहे हैं। सराय की साफ-सलाई के ठेके की बार बार टेंडर की तिथि को रद कर चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसमें अध्यक्ष से लेकर कई अन्य अधिकारी भी सीधे रूप में शामिल हैं। हर माह एसजीपीसी संगत के चढ़ावे में से 18 लाख रुपये अपने चहेतों पर लुटा रही है जबकि इतना काम कोई भी कंपनी हर माह पांच से सात लाख रूपये के बीच कर सकती है।

एसजीपीसी के विभिन्न दस्तावेजों के साथ मीडिया के सामने राजफाश करते हुए मनदीप सिंह मन्ना ने कहा कि एसजीपीसी ने संगत के लिए 44 करोड़ रुपये खर्च कर 238 कमरों वाली सारागढ़ी सराय बनाई थी। इस सराय में दो जनरल बाथरूम भी हैं। एसजीपीसी ने 27 अप्रैल 2017 को ट्रायल के रूप में प्रति कमरा साफ सफाई 200 रुपये और बाथरूमों की सफाई 25 हजार रुपये में देने का तीन माह के लिए ट्रायल के रूप में समझौता किया। इसके बाद प्रति दिन 60 हजार रुपये और 18 लाख रुपये प्रतिमाह देने का समझौता किया। तीन माह बीत जाने के बाद भी इसका टेंडर नहीं दिया गया। उलटा इसी फर्म को काम आगे दे दिया गया। संगत के दबाव के कारण 15 जुलाई 2017 को इसका टेंडर लगाया गया। कई कंपनियों जिस में डाइन इन , दा काटेज आदि फर्मों की ओर से टेंडर भरा गया। इन फर्मों ने चल रहे रेटों से बहुत ही कम रेट पर सफाई का काम करने व साथ में फ्री में बाथरूम की साफ सफाई, धुले हुए टावल, बेडशीटें, टूथ पेस्ट, साबुन , शैंपो , आदि देने के टेंडर भरे। परंतु आज तक इस के टेंडर नहीं खोले गए। इस मुद्दे को लकेर उनकी ओर से मीडिया के समक्ष पहले भी आवाज उठाई गई। जिस के बाद एसजीपीसी अध्यक्ष ने टेंडर जारी करने का एलान भी किया। टेंडर जारी हुआ और 10 अक्टूबर 2017 को प्रस्ताव नंबर 854 जारी करके टेंडर रद कर दिया। इसके बाद 26 अक्टूबर 2018 और 14 दिसंबर 2018 को भी एक मीटिग करके इस रद किया गया। मामला हरसिमरत कौर बादल और सुखबीर सिंह बादल के पास भी पहुंचा। बावजूद इस पर कोई गंभीरता नही दिखाई गई। इस बाद 28 मई को टेंडर खोलना था तब भी नहीं खोला गया। अब 11 जुलाई को टेंडर खोलना था। इसे भी फिर पोस्टपोन कर दिया गया।

मन्ना ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि इस सारे मामले में गुरु की गोलक की लूट में एसजीपीसी का एक उपाध्यक्ष, एक मेंबर और एक सचिव भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।

जल्द टेंडर खोले जाएंगे: दीनपुर

श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर जसविदर सिंह दीनपुर ने कहा कि एसजीपीसी ने टेंडर जारी किए थे। अलग-अलग समय पर बैठकें भी बुलाई गई। परंतु सदस्यों के मीटिग में कुछ कारणों से न पहुंच पाने के कारण टेंडर खोले नहीं जा सके। जल्द ही बैठक दोबारा बुला कर टेंडर खोल दिए जाएंगे।

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Posted By: Jagran