जागरण न्यूज नेटवर्क, अमृतसर

पूर्व मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ ¨सह को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के ध्यान में यह बार बार लाया गया है कि देश में पुलिस पर जो नियंत्रण होना चाहिए वह नहीं है। बहुत से बेकसूर पर गरीब लोग भी पुलिस की पिटाई का शिकार होते हैं। जेलों में भेज दिए जाते हैं और ऐसे लोग कानूनी लड़ाई के साधन न होने के कारण उम्र भर पुलिस की पीड़ा सहते हैं। अभी-अभी हरियाणा पुलिस ने रेयान स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद बड़ी चुस्ती से स्कूल के बस कंडक्टर को अपराधी घोषित किया। और अब सीबीआई ने उसे निर्दोष साबित कर दिया। यूपी के आरुषि हत्याकांड में भी सीबीआई ने उसी के माता-पिता को अपराधी सिद्ध कर उम्रकैद की सजा दे दी, जिसे अदालत ने निरस्त किया। यह दो तो ताजे उदाहरण हैं, पंजाब में भी जिस व्यक्ति की हत्या के दोष में पांच लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई थी वह व्यक्ति दस साल बाद मिल गया और जेल में बंद लोगों का परिवार उजड़ गया।ं पुलिस में सब अच्छा नहीं है गृहमंत्री जी। बहुत से राजनेता भी पुलिस से निर्दोषों को दंड दिलवाते हैं।

Posted By: Jagran

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